-
रवि, 21 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- World »
- China Young Scientists Deaths Research Pressure Education Crisis
चीन में 76 वैज्ञानिकों की मौत से हड़कंप, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
- Written By: अमन उपाध्याय
Chinese Scientist Death News: चीन में ऑनलाइन डेटाबेस में दर्ज 76 युवा वैज्ञानिकों की मौतों ने हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के बाद शिक्षा और शोध क्षेत्र में इसको लेकर बड़ी स्तर पर बहस छिड़ गई है।

चीन में 76 वैज्ञानिकों की मौत से मचा हड़कंप, सांकेतिक एआई तस्वीर
Chinese Education System Crisis: चीन में ऑनलाइन डेटाबेस में दर्ज 76 युवा वैज्ञानिकों की मौतों ने हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के बाद शिक्षा और शोध क्षेत्र में इसको लेकर बड़ी स्तर पर बहस छिड़ गई है।
चीन के वैज्ञानिक समुदाय में हाल ही में मचा हड़कंप एक ऑनलाइन डेटाबेस से जुड़ा है, जिसमें देशभर के युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की मौतों की जानकारी दर्ज की गई है। यह सूची CSND नामक प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित हुई थी जो आमतौर पर कंप्यूटर प्रोग्रामर्स और टेक प्रोफेशनल्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक 60 वर्ष से कम उम्र के 76 वैज्ञानिकों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह संख्या 44 थी। इस चौंकाने वाले डेटा के सामने आने के बाद चीन के सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है कि आखिर शिक्षा और शोध के क्षेत्र में ऐसा क्या हो रहा है जो इतने युवा शोधकर्ता अपनी जान गंवा रहे हैं। सबसे कम उम्र की मौत का मामला नानजिंग यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डोंग सिजिया का बताया गया है, जो समुद्र विज्ञान विभाग में कार्यरत थीं। उनकी उम्र मात्र 33 वर्ष थी।
सम्बंधित ख़बरें
Meloni Trump Controversy: अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो… इटली की PM मेलोनी का ट्रंप पर तीखा पलटवार
बैक-टू-बैक ब्लास्ट से दहला पाकिस्तान, बन्नू में आतंकियों ने गाड़ियों को बनाया निशाना; 7 लोगों ने गवांई जान
24 घंटे भी नहीं टिका युद्धविराम! दक्षिणी लेबनान पर इजरायल ने की एयर स्ट्राइक, 5 लोगों की मौत
AI की दुनिया में चीन का बड़ा कब्जा, DeepSeek ने मचाई धूम, Google Gemini और GPT 5.5 टॉप 10 से बाहर
गोपनीयता पर विवाद शुरू
यह डेटा ग्वांगडोंग प्रांत के एक गुमनाम व्यक्ति ने तैयार किया है जिसने दावा किया कि सारी जानकारी सार्वजनिक स्रोतों से ली गई है। उसका उद्देश्य था लोगों को जागरूक करना, क्षेत्रीय असमानता दिखाना और सरकार को बेहतर नीतियां बनाने के लिए प्रेरित करना। लेकिन यह डेटा सामने आते ही नैतिकता और गोपनीयता पर विवाद शुरू हो गया।
कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इन मौतों की जानकारी साझा करने से पहले मृत वैज्ञानिकों के परिवारों से अनुमति ली गई थी? कुछ ने यह भी कहा कि डेटा अधूरा है, क्योंकि कई पुराने मामलों की जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध ही नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने पूछा कि सिर्फ वैज्ञानिकों को ही क्यों गिना जा रहा है क्या यह संख्या अन्य पेशों की तुलना में अधिक है?
आत्महत्याओं की दर तेजी से बढ़ी
मई 2024 में Preventive Medicine Reports जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस चिंता को और गहरा कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के अकादमिक क्षेत्र में आत्महत्याओं की दर तेजी से बढ़ी है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह घट रही है। अध्ययन में पाया गया कि 65% मामलों में कारण ‘काम का अत्यधिक दबाव’ बताया गया।
यह भी पढ़ें:- ट्रंप के दौर में खत्म हुई अमेरिका की ‘रजीम चेंज’ नीति, तुलसी गैबार्ड बोलीं- अब नहीं होंगे तख्तापलट
चीन की शिक्षा व्यवस्था में लागू अप या आउट सिस्टम को भी इस संकट का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। इस प्रणाली में शोधकर्ताओं को छह साल में अपने शोध लक्ष्य पूरे करने होते हैं अन्यथा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। इसके साथ ही फंड की कमी लंबा कार्य समय और मानसिक तनाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
कारणों की गहराई से जांच
शंघाई की टोंगजी यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर फैन शिउदी का कहना है कि इन मौतों के पीछे केवल काम का दबाव ही नहीं, बल्कि बीमारियां, दुर्घटनाएं और पारिवारिक समस्याएं भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर असली कारणों की गहराई से जांच नहीं की गई, तो यह समस्या आगे और भयावह रूप ले सकती है। चीन में अब यह मुद्दा सिर्फ एक ऑनलाइन लिस्ट का नहीं रह गया है बल्कि यह सवाल बन गया है कि क्या वैज्ञानिकों का भविष्य, सफलता की कीमत पर कुर्बान किया जा रहा है?
China young scientists deaths research pressure education crisis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 21 June 2026: कर्क राशि वालों को मिलेगा पुरस्कार लाभ,जानें रविवार का भाग्यफल
Jun 21, 2026 | 12:15 AMIndia UK FTA: 15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, पीयूष गोयल ने किया बड़ा ऐलान
Jun 20, 2026 | 11:17 PMमोहन भागवत से लेकर राहुल गांधी और अंबानी-अडानी तक, सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
Jun 20, 2026 | 11:08 PMYoga Day: आखिर 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस? इसके पीछे का यह सच बहुत कम लोग जानते हैं!
Jun 20, 2026 | 11:04 PMकौन हैं परस्तू अहमदी, जिन्हें बिना हिजाब लाइव कॉन्सर्ट के बाद मिली 74 कोड़ों की सजा, लगा 2 साल का बैन
Jun 20, 2026 | 10:45 PMMessi की दीवानगी या हद से ज्यादा फैनगिरी? अर्जेंटीना के रंग में रंगी भेड़ का VIDEO वायरल
Jun 20, 2026 | 10:42 PM‘नदियों की सफाई के नाम पर हुआ हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार’, सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा आरोप
Jun 20, 2026 | 10:39 PMवीडियो गैलरी

कानपुर के मशहूर ‘बोतल बाबा’ पर लगा दुष्कर्म के प्रयास का संगीन आरोप, मचा हड़कंप, देखें VIDEO
Jun 20, 2026 | 10:25 PM
आसमान से जमीन पर आए सोने-चांदी के दाम! खरीदारी का सही मौका?, Video
Jun 20, 2026 | 08:18 PM
कई शहरों में पेट्रोल ने तोड़े रिकॉर्ड, डीजल का जानें हाल? नई रेट लिस्ट ने बढ़ाई लोगों की टेंशन!
Jun 20, 2026 | 08:05 PM
तेज प्रताप को सताया जान का डर, 8 खिलाड़ियों का लिया नाम! CM सम्राट चौधरी से सुरक्षा की करेंगे मांग- VIDEO
Jun 20, 2026 | 01:50 PM
डेटा खपत में नंबर-1 बना भारत, हर महीने 36 GB तक इंटरनेट उड़ा रहे हैं भारतीय; 5G नेटवर्क ने बदली तस्वीर-VIDEO
Jun 19, 2026 | 11:14 PM
क्या NEET पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का फैसला सही था! हाईकोर्ट ने क्या कहा?
Jun 19, 2026 | 04:37 PM














