क्या है ब्रिक्स बैंक? जिसमें शामिल होने को बेताब है पाकिस्तान, शहबाज ने जिनपिंग से मांगी भीख

Pakistan China Brics NBD News: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने BRICS बैंक की सदस्यता के लिए चीन से समर्थन मांगा है, ताकि वह पश्चिमी वित्तीय संस्थानों पर निर्भरता कम कर सके।
क्या है ब्रिक्स बैंक? जिसमें शामिल होने को बेताब है पाकिस्तान, शहबाज ने जिनपिंग से मांगी भीख
पाकिस्तान ने चीन से की एनडीबी में शामिल करने की अपील (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan Brics NBD Bank News: पाकिस्तान की आर्थिक हालात किसी छिपी नहीं है। पाकिस्तानी की शहबाज शरीफ सरकार ने देश की हालात सुधारने के लिए ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की सदस्यता पाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए उन्होंने अपने सबसे करीबी दोस्त चीन से इसके लिए मदद मांगी है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है और उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे पश्चिमी वित्तीय संस्थानों की कठोर शर्तों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान मानता है कि एनडीबी की सदस्यता उसे पश्चिमी वित्तीय ढांचे से अलग पहचान दिलाने में मदद कर सकती है।

चीनी मंत्री से मिले पाकिस्तानी वित्त मंत्री

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिकस, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने वाशिंगटन डी.सी. में चीन के उप वित्त मंत्री लियाओ मिन से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान औरंगजेब ने एनडीबी में सदस्यता के लिए चीन से आधिकारिक समर्थन की मांग की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान चीन की कंपनियों को कृषि, उद्योग, खनिज और सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित करता है। एनडीबी की स्थापना 2015 में ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा की गई थी। इसका मुख्यालय चीन के शंघाई में स्थित है। इस बैंक का मकसद विकासशील देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एनडीबी की अधिकृत पूंजी 100 बिलियन डाॅलर है और इसके पहले अध्यक्ष भारत के कुंदापुर वामन कामथ (KV Kamath) थे।

सऊदी अरब-ईरान और UAE भी शामिल

2024 में ब्रिक्स ने अपने विस्तार की प्रक्रिया के तहत सऊदी अरब, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र और इथियोपिया को भी सदस्य के रूप में शामिल किया। पाकिस्तान अब इस समूह से जुड़कर वित्तीय सहयोग और वैकल्पिक विकास मॉडल का लाभ उठाना चाहता है।

पाकिस्तान की कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति (ECC) ने फरवरी 2025 में एनडीबी की सदस्यता के लिए पाकिस्तान की भागीदारी को मंजूरी दे दी थी। इससे यह साफ है कि पाकिस्तान अपने पारंपरिक सहयोगी चीन के माध्यम से ब्रिक्स और एनडीबी जैसे मंचों पर सक्रिय भागीदारी के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।

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