पाकिस्तानी छावनी में घुसा बारूद से भरा ट्रक, 7 सैनिकों की मौत, सामने आया डराने वाला VIDEO

Suicide Attack on Pakistani Army Camp: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमले में चार आतंकवादी मारे गए, सात सैनिक शहीद हो गए। फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है।
पाकिस्तानी छावनी में घुसा बारूद से भरा ट्रक, 7 सैनिकों की मौत, सामने आया डराने वाला VIDEO
सांकेतिक तस्वीर
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Attack on Pakistan Camp: पाकिस्तान इस समय तीन मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। इसी बीच शुक्रवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी सेना की छावनी पर एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। यहां एक गोला बागूद से भरा अज्ञात ट्रक सीधे छावनी में जा घूसा। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने समय रहते ट्रक में सवार चार आतंकवादियों को मार गिराया, जिनमें एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था।

जानकारी के मुताबिक, आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली इलाके में सुरक्षा शिविर को निशाना बनाया। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को चारदीवारी से टकराया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इसके अलावा, तीन अन्य आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने शिविर में घुसने से पहले ही मार गिराया। इस घटना में कोई सैनिक घायल नहीं हुआ।

ऑपरेशन में चारों आतंकवादी मारे गए

अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन में चारों आतंकवादी मारे गए। हालांकि इसमें सात पाकिस्तानी सैनिक भी शहीद हो गए। अधिकारियों ने बताया कि, पिछले दो दिनों में पूरे क्षेत्र में चलाए गए अभियानों में 88 आतंकवादी मारे गए, जो कथित तौर पर अफगान तालिबान का समर्थन प्राप्त थे।

पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को कहा कि सोमवार से बुधवार के बीच खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कई अभियानों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 34 आतंकवादी मारे गए। ये अभियान उत्तरी वजीरिस्तान, दक्षिणी वजीरिस्तान और बन्नू जिलों में संचालित किए गए। टीटीपी ने नवंबर 2022 में सरकार के साथ संघर्ष विराम खत्म करने के बाद से पाकिस्तान में, विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है।

पाकिस्तान में क्यों हो रही हिंसा?

पाकिस्तान में हुई हालिया हिंसा के पीछे का मुख्य कारण गाजा में इजरायल और हमास के बीच हुआ शांति समझौता है, जिसे पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार का पूरा समर्थन प्राप्त है। हालांकि, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का मानना है कि यह समझौता फिलिस्तीनी जनता के साथ विश्वासघात है। इसी के विरोध में TTP ने इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन की घोषणा की थी।

पाकिस्तान सरकार इस विरोध प्रदर्शन को रोकना चाहती थी। इसलिए सेना को तैनात किया गया ताकि प्रदर्शन को दबाया जा सके। लेकिन हालात बेकाबू हो गए और हिंसा भड़क उठी। स्थिति पर काबू पाने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की।

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