चीन होने वाला था तख्तापलट! जिनपिंग ने अपने ही करीबी को भेजा जेल, लिस्ट में कई और बड़े नाम

Anti-corruption Campaign in China: चीन में शी जिनपिंग ने अपने करीबी सैन्य अधिकारियों हे वेइडोंग और मियाओ हुआ को बर्खास्त किया, जिससे सत्ता बचाने की रणनीति और तख्तापलट की आशंका की चर्चा तेज हुई।
चीन होने वाला था तख्तापलट! वक्त करते जिनपिंग ने बदला अपना कमांडर, लिस्ट में कई और बड़े नाम
शी जिनपिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Coup in China: चीन में एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी एंटी-करप्शन अभियान के तहत अपने सबसे करीबी सैन्य कमांडर हे वेइदोंग और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के एक अन्य सदस्य मियाओ हुआ को भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया है। माना जा रहा है यह कार्रवाई तख्तापलट की आशंकाओं के चलते किया गया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब बीजिंग में पार्टी का फोर्थ प्लेनम होने जा रहा है, जिसमें सैकड़ों वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या जिनपिंग की यह सफाई मुहिम वाकई भ्रष्टाचार के खिलाफ है या सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। जिनपिंग पर आरोप लगाते रहे है कि वो अपनी कुर्सी पर खतरा महसूस होने पर इस प्रकार के अभियान चलाकर पार्टी के अंदर संभावित खतरे को खत्म कर देते हैं। कहा जा रहा है कि इसमें अभी कई और बड़े नाम जुड़ सकते हैं।

जिनपिंग के करीबी माने जाते थे वेइडोंग

चीन के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हे वेइडोंग और मियाओ हुआ को पार्टी अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के कारण कम्युनिस्ट पार्टी और सेना से निष्कासित किया गया है। हे वेइडोंग, जो CMC के वाइस-चेयरमैन और 24 सदस्यीय पोलितब्यूरो के सदस्य थे, पिछले कई महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे। अब उनका नाम उन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की सूची में शामिल हो गया है जिन्हें 2022 के बाद से हटाया गया है।

हे वेइडोंग की बर्खास्तगी ऐतिहासिक महत्व की है क्योंकि सांस्कृतिक क्रांति (1966–1976) के बाद पहली बार किसी मौजूदा CMC जनरल को इस तरह हटाया गया है। वे जिनपिंग के बेहद करीबी माने जाते थे और पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में तीसरे सबसे ताकतवर अधिकारी थे। मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने बताया कि वेइडोंग, मियाओ हुआ और सात अन्य सैन्य अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कर्तव्य-सम्बंधी अपराध और भ्रष्टाचार की भारी रकम से जुड़ी जांच चल रही है।

तख्तापलट रोकने का हथियार

शी जिनपिंग पिछले एक दशक से जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रहे हैं और उनका मानना है कि भ्रष्टाचार पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हालांकि, कई विशेषज्ञ इसे सत्ता के केंद्रीकरण का एक हथियार मानते हैं। जानकारों का कहना है कि यह कदम संभावित तख्तापलट या असंतोष को रोकने की कोशिश भी हो सकता है।

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