
डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड प्लान, (डिजाइन फोटो)
Donald Trump Greenland Latest News In Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लाने की इच्छा के बीच एक ‘डिप्लोमैटिक समाधान’ की चर्चा जोरों पर है। सोशल मीडिया पर लोग सुझाव दे रहे हैं कि ट्रंप के छोटे बेटे बैरन ट्रंप और डेनमार्क की राजकुमारी इजाबेला की शादी करा दी जाए जिससे ग्रीनलैंड दहेज के रूप में अमेरिका को मिल जाए।
डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड प्लान पर दुनिया भर में अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘मिस व्हाइट’ नाम की एक यूजर का पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसे 10 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
इस पोस्ट में सुझाव दिया गया है कि एक आसान कूटनीतिक समाधान यह है कि बैरन ट्रंप, डेनमार्क की राजकुमारी इजाबेला से शादी कर लें और ग्रीनलैंड को दहेज के रूप में अमेरिका को दे दिया जाए। कुछ यूजर्स ने इसे ‘ब्रिजर्टन’ जैसी कहानी बताया तो कुछ ने इसे ऑस्ट्रिया के हैब्सबर्ग राजशाही के पुराने दिनों की तरह झगड़े सुलझाने का तरीका कहा।
The simple diplomatic solution is Barron Trump marries Princess Isabella of Denmark and Greenland is given to America as dowry payment pic.twitter.com/fhs3b6IDZG — miss white (@cinecitta2030) January 7, 2026
इस चर्चा के केंद्र में डोनाल्ड ट्रंप के 19 वर्षीय बेटे बैरन ट्रंप हैं, जो न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। बैरन आमतौर पर सार्वजनिक जीवन से दूर रहते हैं, लेकिन 2024 के चुनाव में उन्होंने अपने पिता को युवा वोटर्स तक पहुंचने में मदद की थी।
दूसरी तरफ 18 वर्षीय राजकुमारी इजाबेला हैं जो डेनमार्क के किंग फ्रेडरिक एक्स की सबसे बड़ी बेटी हैं और डेनिश सिंहासन के उत्तराधिकार में दूसरे नंबर पर आती हैं। वे वर्तमान में कोपेनहेगन में अपने फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही हैं।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और उनका मानना है कि डेनमार्क इसे अकेले नहीं संभाल पाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के एक इंटरव्यू में उन्होंने ग्रीनलैंड को पूरी तरह से कब्जे में लेने की बात भी कही है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस मसले पर डेनमार्क के अधिकारियों से मिलने की योजना बना रहे हैं।
हालांकि, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने इस महत्वाकांक्षा को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा नहीं बनना चाहता और यह क्षेत्र बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। यहाँ तक कि डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने 1952 के एक पुराने निर्देश का हवाला देते हुए कहा है कि यदि कोई विदेशी सेना कब्जे के इरादे से आती है, तो सैनिक बिना आदेश का इंतजार किए गोली चला देंगे।
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भले ही सोशल मीडिया पर दहेज की बात वायरल हो रही हो लेकिन कानूनी रूप से यह संभव नहीं है। ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र है और राजकुमारी इजाबेला की ग्रीनलैंड पर कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है कि वे उसे दहेज में दे सकें। इससे पहले 1946 में राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने भी ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार रखा था जिसे डेनमार्क ने ठुकरा दिया था।






