'अवैध सजा' का आरोप... कोर्ट के फैसले पर बांग्लादेश में भड़की अवामी लीग, मंगलवार को देश बंद का ऐलान

Bangladesh Hasina Verdict: बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फैसले को 'अवैध' बताते हुए अवामी लीग ने देशव्यापी...
Allegations of 'illegal punishment'... Hasina's decision angers Awami League in Bangladesh, calls for nationwide shutdown on Tuesday
हसीना के फैसले से बांग्लादेश में भड़की अवामी लीग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Bangladesh Shutdown: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। सोमवार को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को “मानवता के विरुद्ध अपराध” के आरोप में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।

इसी फैसले के खिलाफ अवामी लीग ने इसे अवैध, राजनीतिक रूप से प्रेरित और लोकतंत्र की हत्या बताते हुए 19 से 21 नवंबर तक देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन और मंगलवार को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है।

अवैध तरीके से सुनाया गया फैसला

अवामी लीग ने एक बयान में ट्रिब्यूनल के फैसले को पूरी तरह मनगढ़ंत और फासीवादी बताते हुए कहा कि यह निर्णय बांग्लादेश की न्याय व्यवस्था के खिलाफ है। बयान में कहा गया है कि माननीय प्रधानमंत्री और बंगबंधु की बेटी शेख हसीना के खिलाफ हास्यास्पद मुकदमा चलाकर अवैध तरीके से फैसला सुनाया गया। यह सब फासीवादी यूनुस और उनके सहयोगियों की साजिश के तहत किया गया है। पार्टी ने आईसीटी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ट्रिब्यूनल न केवल अवैध है, बल्कि ऐसे लोगों द्वारा नियंत्रित है जिनका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह पूरा मुकदमा अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म करने की योजना का हिस्सा है।

पांच साल कैद की सजा

ट्रिब्यूनल ने हसीना के दो सहयोगियों को भी दोषी ठहराया है। पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-ममुन जो सरकारी गवाह बन गए थे उनको पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है।

फैसले के बाद शेख हसीना ने भी कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला एक ऐसी सरकार के इशारे पर सुनाया गया है जिसे जनता ने चुना ही नहीं। हसीना ने कहा कि इन लोगों की मंशा साफ है वे बांग्लादेश की अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को हटाना चाहते हैं और अवामी लीग को राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहते हैं।

उन्होंने अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि यह मुकदमा न्याय पाने की जगह जुलाई-अगस्त 2025 की घटनाओं के वास्तविक तथ्यों को छिपाने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी जनता इस राजनीतिक प्रतिशोध को समझ रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन को स्वीकार नहीं करेगी। ICT के फैसले से पूरे देश में तनाव बढ़ गया है, और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों के चलते बांग्लादेश में स्थिति और अधिक अस्थिर होने की आशंका जताई जा रही है

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