यूनुस के बैंक पर आतंकी हमला...अज्ञात लोगों ने फेंका बम, ढाका में फिर शुरु हुई हिंसा

Bangladesh News: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मोहम्मद यूनुस के ग्रामीण बैंक और सलाहकार फरीदा अख्तर के आउटलेट पर अज्ञात हमलावरों ने क्रूड बम फेंके, कोई हताहत नहीं हुआ, सुरक्षा बढ़ा दी गई।
यूनुस के बैंक पर आतंकी हमला...अज्ञात लोगों ने फेंका बम, ढाका में फिर शुरु हुई हिंसा
मोहम्मद यूनुस द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक पर हमला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Dhaka Grameen Bank Bomb Attack: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार देर रात अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के ग्रामीण बैंक के मुख्यालय के बाहर अज्ञात लोगों ने हमला किया। हमलावरों ने वहां क्रूड बम फेंके, जिससे धमाके हुए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब देश में राजनीतिक तनाव और हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

पुलिस के मुताबिक, सोमवार तड़के यूनुस के एक सलाहकार फरीदा अख्तर के बिजनेस आउटलेट ‘प्रबर्तन’ के बाहर भी बम फोड़े गए। अख्तर मत्स्य और पशुपालन मामलों में यूनुस की सलाहकार हैं। मौके पर किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण बैंक के सामने सुबह करीब सवा तीन बजे धमाका हुआ। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन बदमाशों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

यूनुस ने 1983 में की थी स्थापना

मोहम्मद यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना की थी। महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनाने में उनके काम को देखते हुए उन्हें 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह करीब सात बजे मोहम्मदपुर इलाके में दो मोटरसाइकिल सवारों ने ‘प्रबर्तन’ आउटलेट के सामने दो बम फेंके। इसमें से एक बम परिसर के भीतर जा गिरा, जिससे तेज धमाका हुआ। इसी बीच, धनमंडी इलाके में भी दो स्थानों पर बम विस्फोट किए गए। मोटरसाइकिल सवारों ने इब्ने सीना अस्पताल के पास दो बम फेंके, जिसे जमात-ए-इस्लामी से जुड़ा बताया जाता है, और एक प्रमुख चौराहे पर दो और बम फोड़े।

बढ़ाई गई ढाका में सुरक्षा

इन घटनाओं के बाद पूरे ढाका में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 13 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मामले में फैसला सुनाने वाला है। हसीना पर पिछले साल के ‘जुलाई विद्रोह’ को बेरहमी से कुचलने का आरोप है। इसी आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई और उन्हें भारत भागना पड़ा। ढाका में लगातार ‘फ्लैश मार्च’ हो रहे हैं, जहां हसीना के समर्थक अचानक निकलकर प्रदर्शन करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। पुलिस अब तक प्रतिबंधित आवामी लीग के 3,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।

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