हाथों में मशाल, सड़कों पर आग...एक बार फिर गृह युद्ध की ओर बांग्लादेश! कोर्ट के फैसले से मचा हाहाकार

Bangladesh Violence: शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई गई है। इसके बाद पूरे देश में हिंसा भड़क गई है। ढाका में भारी सुरक्षा तैनात है और कई इलाकों में हालात गृह युद्ध जैसे बन गए हैं।
Torches in hands, streets ablaze... Has the court's decision pushed Bangladesh toward civil war? Outcry ensues.
बांग्लादेश में हिंसा, (डिजाइन फोटो)
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Sheikh Hasina Verdict:  ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने फैसला सुनाते समय कहा कि 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई कई हत्याओं के लिए हसीना ने न केवल उकसाया बल्कि हत्या करवाने के आदेश भी दिए थे। इसी मामले में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भी 12 लोगों की हत्या का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है।

हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे समर्थक

फैसले के तुरंत बाद पूरे बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। राजधानी ढाका समेत कई जिलों में हजारों की संख्या में हसीना समर्थक सड़कों पर उतर आए। हाथों में मशाल लिए प्रदर्शनकारियों ने यूनुस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और फैसले को राजनीतिक साजिश बताया। देशभर में फैली अशांति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

शूट एट साइट का आदेश

ढाका में सुरक्षा हालात संभालने के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों पर “शूट एट साइट” का आदेश तक जारी कर दिया गया है। पिछले सात दिनों की हिंसा में अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी बाधित की गई हैं।

बांग्लादेश की राजनीति में नया भूचाल

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ था, जिसके बाद से वह भारत में रह रही हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने उनके खिलाफ कई पुराने मामलों को फिर से खोला और जांच तेज की। ट्रिब्यूनल का यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति में नया भूचाल ला चुका है।

हिंसा तब और बढ़ गई जब प्रदर्शनकारी ढाका के धानमंडी-32 इलाके में पहुंचकर शेख हसीना के पिता और देश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के घर के अवशेष गिराने के लिए इकट्ठा हुए। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस और आर्मी ने साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़पें हुईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने सख्ती से उन्हें पीछे धकेला।

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