- Hindi News »
- World »
- Tarique Rahman Bangladesh Pm Muhammad Yunus Legacy July Charter Controversy
बांग्लादेश की कुर्सी तारिक के पास, फिर मोहम्मद यूनुस क्यों बने ‘असली बाजीगर’? जानें पूरा इनसाइड गेम
Tarique Rahman PM: बांग्लादेश में 20 साल बाद BNP की वापसी हुई है और तारिक रहमान पीएम बन गए हैं। हालांकि, 18 महीने तक देश चलाने वाले मोहम्मद यूनुस की विरासत और 'जुलाई चार्टर' पर संग्राम छिड़ा है।
- Written By: अमन उपाध्याय

तारिक रहमान और मुहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh July Charter Controversy: बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री पद की शपथ तो ले ली है। इसके साथ ही देश में करीब 36 साल बाद किसी पुरुष प्रधानमंत्री का शासन शुरू हुआ है।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि क्या इस पूरी बिसात के असली विजेता तारिक रहमान हैं या नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस है जिन्होंने पिछले 18 महीनों तक अंतरिम प्रशासन की कमान संभाली।
यूनुस की 18 महीनों की ‘सफल’ पारी
जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के एंटी-कोटा आंदोलन के बाद जब शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा, तब मोहम्मद यूनुस अंतरिम प्रशासन के मुखिया बने थे। उन्होंने 18 महीनों के अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
सम्बंधित ख़बरें
BCB ने लिया बड़ा फैसला, मेहदी हसन मिराज वनडे और लिटन दास टी20 वर्ल्ड कप में करेंगे बांग्लादेश की कप्तानी
फ्रांस ने छोड़ा साथ…यूरोप ने भी बनाई दूरी, जानें क्यों होमुर्ज से लेकर तेहरान तक अकेले पड़े डोनाल्ड ट्रंप
BCB में गहराया संकट, क्रिकेट बोर्ड की बैठक के बाद तीन निदेशकों का इस्तीफा; छह महीने में 6 ने छोड़ा पद
इस पागल को रोको…वरना, पूर्व IAEA चीफ अल-बरदेई ने UN से की बड़ी अपील, ट्रंप को लेकर कही ये बात
यूनुस की सबसे बड़ी सफलता यह मानी जा रही है कि उन्होंने शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग को बाहर रखकर चुनाव कराए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेषकर पश्चिमी देशों से इसे ‘समावेशी’ चुनाव की मान्यता भी दिला दी। वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि 40% वोट शेयर वाली पार्टी को बाहर रखकर चुनाव कराना और उसे स्वीकार्य बनाना यूनुस की बड़ी कूटनीतिक जीत है।
आर्थिक मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि
यूनुस के कार्यकाल में अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील साइन की गई। इस समझौते के तहत अमेरिकी कच्चे माल से बने बांग्लादेशी उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को शून्य कर दिया गया जिसे बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने डेटा प्राइवेसी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे आधुनिक विषयों पर अध्यादेशों के जरिए कानून भी बनाए।
विवादों और हिंसा का साया
सफलता के दावों के बीच, यूनुस का कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। उनके शासन के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे। अल्पसंख्यकों पर हमले, भीड़ द्वारा हिंसा और राजनीतिक हत्याएं बदस्तूर जारी रहीं। साथ ही, उन पर इस्लामी संगठनों के दबाव में महिलाओं के अधिकारों से समझौता करने के आरोप भी लगे।
‘जुलाई चार्टर’ पर छिड़ा महासंग्राम
अब जब तारिक रहमान सत्ता में आ चुके हैं, तो यूनुस का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जुलाई चार्टर‘ खतरे में नजर आ रहा है।, इस चार्टर को जनमत संग्रह में 62% लोगों का समर्थन मिला था जिसका उद्देश्य संसद को 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करने की शक्ति देना था। लेकिन, दो-तिहाई बहुमत हासिल करने वाली BNP इस चार्टर की कई धाराओं का विरोध कर रही है। जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजंस पार्टी (NCP) ने धमकी दी है कि अगर चार्टर लागू नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे।
यह भी पढ़ें:- ईरान-अमेरिका जेनेवा मीटिंग बाद टकराव तेज, खामेनेई ने ट्रंप की नौसेना को दी सीधी चुनौती; जानें क्या होगा अब?
यूनुस का भविष्य
प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि 85 वर्षीय यूनुस क्या करेंगे। हालांकि कुछ लोग उनके राष्ट्रपति बनने की अटकलें लगा रहे थे लेकिन BNP सरकार में इसकी संभावना कम ही दिखती है। फिलहाल, ढाका की सत्ता से दूर होते हुए भी बांग्लादेश की नई व्यवस्था पर मोहम्मद यूनुस की गहरी छाप नजर आती है।
Tarique rahman bangladesh pm muhammad yunus legacy july charter controversy
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Chhatrapati Sambhajinagar में दर्दनाक हादसा, हसूल तालाब बना मौत का कुंड, एक दिन में 4 मौतें
Apr 06, 2026 | 08:51 AMपुश-अप कर रहे छात्र के ऊपर गिरी बास्केटबॉल रिंग, मौत से मचा हड़कंप, Pune के कॉलेज में खौफनाक हादसा
Apr 06, 2026 | 08:43 AMRanchi में माओवादी नेता की इलाज के दौरान मौत, Narendra Modi हत्या साजिश मामले से था जुड़ा
Apr 06, 2026 | 08:33 AMCSK को रौंदकर टॉप पर पहुंची RCB, लगातार तीसरी हार के बाद चेन्नई पर मंडरा रहा खतरा, देखें प्वाइंट्स टेबल का हाल
Apr 06, 2026 | 08:32 AM12 राज्यों में 72 घंटे का महा-अलर्ट, कुदरत के दोहरे वार से बदल जाएगा आधे हिंदुस्तान का मिजाज, जानें आज का मौसम
Apr 06, 2026 | 08:31 AMअदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की ‘डकैत’ बनी 2026 की चौथी बड़ी टॉलीवुड ओपनर, पहले दिन के कलेक्शन पर टिकी निगाहें
Apr 06, 2026 | 08:30 AMJEE-NEET: 1 मिनट की देरी और परीक्षा देने से चूके छात्र, नागपुर के गोंडखैरी सेंटर पर छात्रों का फूटा गुस्सा
Apr 06, 2026 | 08:07 AMवीडियो गैलरी

‘मुझ पर लगाए गए आरोप सफेद झूठ, मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं’, राघव चड्ढा का अपनी ही पार्टी पर पलटवार- VIDEO
Apr 05, 2026 | 10:33 PM
MP में फिर ‘दूषित पानी’ का कहर…कटनी में नल से निकले कीड़े, दहशत में लोग
Apr 05, 2026 | 10:33 PM
सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक…CM Yogi ने बताया कौन था असली विलेन और कैसे किया गया था उसका ‘इलाज’
Apr 05, 2026 | 10:27 PM
इंदौर में क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, लाखों की एमडी ड्रग्स के साथ इवेंट ऑर्गेनाइजर समेत 4 गिरफ्तार- VIDEO
Apr 05, 2026 | 10:27 PM
‘जेल के डर से रात भर सो नहीं पाते हिमंता बिस्वा सरमा, जल्द होगी कानूनी कार्रवाई’, राहुल गांधी की सीधी चेतावनी
Apr 05, 2026 | 10:22 PM
मेरठ के पिता ने पेश की मिसाल, तलाक लेकर घर लौटी बेटी का ढोल-नगाड़ों से स्वागत; जश्न में बदला दुख- VIDEO
Apr 05, 2026 | 10:14 PM














