
तारिक रहमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh Student Union Election News In Hindi: बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले देश का सियासी पारा गरमा गया है। इस बड़े चुनावी मुकाबले से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को एक जबरदस्त झटका लगा है।
जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार आयोजित हुए छात्रसंघ चुनावों में जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई, इस्लामी छात्र शिबिर, ने शानदार जीत दर्ज कर विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है।
BNP की छात्र इकाई पस्त इस चुनाव में मुख्य मुकाबला जमात समर्थित ‘शिबिर’ और BNP समर्थित ‘जातीयताबादी छात्र दल’ (JCD) के बीच था। नतीजों के अनुसार, छात्रसंघ के कुल 21 पदों में से शिबिर समर्थित पैनल ने 15 पदों पर कब्जा कर लिया है, जबकि BNP की छात्र इकाई JCD को केवल 4 पदों से संतोष करना पड़ा।
उपाध्यक्ष (VP) पद पर शिबिर के समर्थन से मैदान में उतरे ओडोम्यो जोबियान ओइक्य पैनल के उम्मीदवार मोहम्मद रियाजुल इस्लाम ने 5,591 वोट हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने तारिक रहमान समर्थित उम्मीदवार AKM रकीब को पीछे छोड़ दिया जिन्हें 4,688 वोट मिले।
महासचिव (GS) के चुनाव में भी शिबिर का दबदबा बना रहा। अब्दुल अलीम आरिफ ने 5,475 वोट प्राप्त कर निर्णायक जीत हासिल की। उनके मुकाबले JCD की उम्मीदवार खादिजातुल कुबरा को केवल 2,203 वोट मिले। वहीं सहायक महासचिव (AGS) पद पर मसूद राणा ने 5,020 वोटों के साथ जीत दर्ज कर शिबिर की सफलता को और मजबूत किया।
विजेता पैनल के अन्य सदस्यों में रियासाल रकीब (लाइब्रेरी सचिव), माहिद हुसैन (परिवहन सचिव), और तकरीम अहमद (साहित्य सचिव) शामिल हैं। गौरतलब है कि रियाजुल इस्लाम विश्वविद्यालय में शिबिर इकाई के अध्यक्ष हैं और अब्दुल अलीम आरिफ सचिव पद पर कार्यरत हैं।
चुनाव की प्रक्रिया मंगलवार को संपन्न हुई थी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण मतगणना करीब 6 घंटे तक रुकी रही। चुनाव आयोग की सदस्य कनिज फातिमा काकोली के अनुसार, परिणामों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों से वोटों की गहन जांच की गई, जिसके बाद ही आधिकारिक घोषणा की गई।
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अपनी जीत के बाद नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष रियाजुल इस्लाम ने कहा कि यह जीत छात्रों के स्वाभाविक समर्थन का परिणाम है। उन्होंने वादा किया कि वे छात्रों के हितों की रक्षा के लिए काम करेंगे। वहीं, महासचिव अब्दुल अलीम आरिफ ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से छात्रसंघ न होने के कारण छात्र निराश थे लेकिन अब वे कैंपस के विकास पर ध्यान देंगे।






