बांग्लादेश में बन रही किसकी सरकार? मतदान से पहले आए सर्वे ने बताया रुझान, क्या है भारत विरोधी जमात की हालत

Bangladesh News: बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म है। बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी मुख्य मुकाबले में हैं। अंतरिम प्रधानमंत्री यूनुस ने जनमत संग्रह में ‘हां’ में वोट की अपील की।
Bangladesh Election 2026
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होगा मतदान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। इस बार चुनाव में भारत विरोधी ताकतें भी सक्रिय हो रही हैं। वहीं, अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पर चुनावी बैन लगा दिया गया है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुआई में एक अंतरिम सरकार देश चला रही है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बांग्लादेश को जल्द ही पूर्णकालिक प्रधानमंत्री मिल सकता है।

इस बार का मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बीएनपी का नेतृत्व दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान कर रहे हैं। जमात-ए-इस्लामी मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों और भारत विरोधी एजेंडा के साथ चुनाव लड़ रही है। बीएनपी का रुख भी भारत समर्थक नहीं माना जाता।

बांग्लादेश में बन रही किसकी सरकार?

बांग्लादेश के अखबार प्रथोमोलो द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार, बीएनपी को 200 से अधिक सीटें मिलने की संभावना है, जिससे तारिक रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। तारिक रहमान लंबे समय बाद ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे हैं। सर्वे के मुताबिक, जमात-ए-इस्लामी की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है, लेकिन वह विपक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जमात-ए-इस्लामी इस बार शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है।

सर्वे में यह भी अनुमान लगाया गया है कि तारिक रहमान की बीएनपी को 200+ सीटें, जमात-ए-इस्लामी को लगभग 50 सीटें, बांग्लादेश की जातीय पार्टियों 3 सीटें और बाकी बाकी सीटें  स्वतंत्र उम्मीदवारों को मिल सकती है। बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं, जिनमें से 300 का चुनाव सीधे जनता द्वारा होता है और 50 सीटें विशेष निर्वाचन के माध्यम से भरी जाती हैं। सांसदों का कार्यकाल भारत की तरह पांच साल का होता है।

आम चुनाव और जनमत संग्रह

अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने जनता से अपील की है कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव और जनमत संग्रह में उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज के समर्थन में ‘हां’ में वोट दें। उन्होंने कहा कि अगर जनमत संग्रह में ‘हां’ अधिक वोट पाता है, तो इससे बांग्लादेश का भविष्य सकारात्मक दिशा में जाएगा और देश में “कुशासन” कम होगा। यूनुस और उनकी टीम पिछले कई हफ्तों से 84-सूत्रीय सुधार पैकेज के लिए जनता का समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं।

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