
Sunetra Pawar Modi-Shah Meeting (फोटो क्रेडिट-X)
Sunetra Pawar Modi-Shah Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘दिल्ली कनेक्शन’ को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सोमवार रात के गोपनीय दिल्ली दौरे के ठीक बाद, अब नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार आज शाम दिल्ली के लिए रवाना हो रही हैं। 10 फरवरी 2026 को होने वाले इस दौरे में सुनेत्रा पवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगी।
आधिकारिक तौर पर इसे एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके पीछे राज्य में होने वाले बड़े सियासी फेरबदल और एनसीपी (NCP) के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण रणनीति छिपी है। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की यह पहली दिल्ली यात्रा कई मायनों में निर्णायक मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री फडणवीस के अचानक दिल्ली जाकर बीजेपी आलाकमान से मिलने और फिर तुरंत मुंबई लौटने ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के बीजेपी में संभावित विलय को लेकर प्राथमिक बातचीत शुरू हो चुकी है। सुनेत्रा पवार के साथ इस दौरे पर सांसद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद रहेंगे। यह तिकड़ी दिल्ली में महायुति के भविष्य और पार्टी की नई भूमिका पर शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन करेगी। जिला परिषद चुनावों के नतीजों ने भी बीजेपी और एनसीपी के बीच नए शक्ति संतुलन की नींव रख दी है।
ये भी पढ़ें- पंकजा मुंडे के पूर्व PA अनंत गर्जे ने पत्नी को मरने के लिए किया मजबूर! SIT की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा
हाल ही में संपन्न हुए 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों ने महाराष्ट्र की नई राजनैतिक तस्वीर साफ कर दी है। इन नतीजों ने विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) को बड़ा झटका दिया है:
बीजेपी नंबर वन: 731 जिला परिषद सीटों में से बीजेपी ने 233 सीटें जीतकर अपना वर्चस्व कायम रखा है।
एनसीपी की वापसी: सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी 167 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि शिंदे सेना ने 162 सीटें जीतीं।
एमवीए का सूपड़ा साफ: कांग्रेस (56), शरद पवार गुट (26) और उद्धव सेना (43) को मिलाकर कुल 125 सीटें ही मिलीं, जबकि महायुति ने कुल 562 सीटों पर कब्जा किया है।
सुनेत्रा पवार का प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मिलना केवल एक रस्म नहीं है। यह दिल्ली द्वारा उन्हें अजित पवार के असली उत्तराधिकारी और पार्टी के मुख्य चेहरे के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया है। बैठक में जिला परिषद चुनावों की सफलता पर चर्चा के साथ-साथ आने वाले महानगरपालिका चुनावों की रणनीति भी तय की जाएगी। इसके अलावा, राज्य कैबिनेट में पोर्टफोलियो के आवंटन और आगामी बजट सत्र को लेकर भी दिल्ली से हरी झंडी ली जा सकती है। यह दौरा तय करेगा कि सुनेत्रा पवार की अगुवाई में एनसीपी की स्वायत्तता बनी रहेगी या वह बीजेपी के साथ अधिक एकीकृत रूप में काम करेगी।






