

Venezuela Military Base Attack: अमेरिकी अखबार मियामी हेराल्ड की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर हमला करने का फैसला कर लिया है और यह अभियान आने वाले कुछ घंटों या दिनों में शुरू हो सकता है। इसका घोषित उद्देश्य वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल सोल्स कार्टेल को खत्म करना है जिसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के करीबी लोगों द्वारा संचालित बताती हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि हमले हवाई और नौसेना के संयुक्त ऑपरेशन के जरिए होंगे। लक्ष्यों में वेनेजुएला के सैन्य अड्डे, समुद्री बंदरगाह और कार्टेल के ठिकाने शामिल हैं जहां से कथित तौर पर ड्रग्स की तस्करी यूरोप और अमेरिका तक होती है। अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्टेल हर साल लगभग 500 टन कोकीन की तस्करी करता है। रिपोर्ट में कहा गया कि 'मादुरो का वक्त खत्म हो रहा है' क्योंकि उनके ही कुछ जनरल अब उनके खिलाफ हो चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने कैरिबियन सागर में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। यूएसएस इवो जिमा पर 1,600 से अधिक मरीन सैनिक मौजूद हैं जबकि जेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ करीब 4,000 सैनिक तैनात किए जा चुके हैं। कुल मिलाकर, कैरिबियन क्षेत्र में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक सक्रिय हैं यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब सितंबर 2025 से अब तक अमेरिका ने ड्रग ऑपरेशनों के नाम पर 14 हवाई हमले किए हैं जिनमें 61 संदिग्ध मारे गए।
व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली ने बयान जारी कर कहा कि यह रिपोर्ट झूठी है। कोई निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के बिना नहीं लिया जा सकता। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Air Force One में पत्रकारों से कहा कि हमले का कोई फैसला नहीं हुआ है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 'मियामी हेराल्ड को झूठे स्रोतों ने गुमराह किया है।' इसके बावजूद, क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियां संदेह पैदा कर रही हैं। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ड्रग तस्करी को बहाना बनाकर मादुरो सरकार को गिराने की रणनीति अपना रहा है।
वेनेजुएला में मादुरो शासन पर अमेरिका पहले से आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाए हुए है। सितंबर 2025 में ट्रंप प्रशासन ने पहला हमला किया था, जिसमें 11 तस्कर मारे गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्टेल मेक्सिको के सिनालोआ कार्टेल और ट्रेन डे अरागुआ गैंग से जुड़ा हुआ है। तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल देखा गया है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखता है।
विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना माचाडो ने कहा कि मादुरो का अंत करीब है। हालांकि, कई विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हमला हुआ तो यह एक बड़े युद्ध में बदल सकता है। दुनिया की नजरें अब कैरिबियन सागर पर टिकी हैं, जहां हर हलचल भू-राजनीतिक संतुलन बदल सकती है।