
अजित हादसे पर संजय राउत और अनिल देशमुख (डिजाइन फोटो)
Ajit Pawar Plane Crash News: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे का मामला गहराता जा रहा है। कई नेता इस दुर्घटना पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस दुर्घटना को ऑपरेशन लोटस का हिस्सा बताते हुए भाजपा पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। इससे सूबे की राजनीति गरमा गई है। पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सीआईडी जांच पर कड़ा एतराज जताते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
वहीं मंत्री छगन भुजबल ने भी विमान हादसे में गड़बड़ी की आशंका जताई है। राउत ने दावा किया है कि देश में अभी ऐसे हालात हैं कि जो भी भाजपा के खिलाफ खड़ा होगा, वह या तो जेल जाएगा या अपनी जान गंवा देगा, अजित के विमान हादसे की असलियत जनता के सामने आनी चाहिए। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अगर अजित भाजपा का साथ छोड़कर शरद पवार के पास वापस चले जाते, तो यह भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ के लिए एक बड़ा झटका होता। भाजपा वाले सत्ता के लिए क्या करेंगे, इस पर अब कोई भरोसा नहीं रहा। राउत ने एनसीपी (एपी) सांसद प्रफुल पटेल पर निशाना साधते हुए कहा कि पटेल को पार्टी अध्यक्ष बनने की बहुत जल्दी थी।
संसद भवन परिसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पटेल की हाथ पकड़े वायरल फोटो का जिक्र करते हुए राउत ने संदेह जताया कि इसके पीछे कुछ तो पक रहा है। एनसीपी अब पवार परिवार के कंट्रोल में नहीं रही। बाहर के ‘गिद्ध’ अब इस पार्टी पर झपटने वाले हैं।
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बीजेपी मीडिया सेल के प्रदेश प्रमुख नवनाथ बन ने इस बारे में संजय राउत को ठोस सबूत पेश करने की खुली चुनौती दी है। बन ने कहा कि सांसद के पद पर रहते हुए राउत को झूठे आरोप लगाने की आदत पड़ गई है। उन्हें सांसद, पद और राजनीति छोड़कर ओटीटी के लिए डायरेक्शन व स्क्रिप्ट लिखनी चाहिए ताकि उनकी दुकान चलती रहे। अजित दादा कभी घर वापसी करने को तैयार नहीं थे। हालांकि यह भी देखना होगा कि क्या वे एनडीए में दूसरे लोगों को शामिल करने की कोशिश कर रहे थे।
पूर्व गृह मंत्री व एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने मांग की है कि विमान हादसे की जांच हाई कोर्ट के जज की देखरेख में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रालय और एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से हादसे की वजह कम विजिबिलिटी बताई जा रही है लेकिन यह दावा झूठा है। घटना वाली जगह का वीडियो देखने पर यह बात सही नहीं लगती।






