ट्रेड डील के बाद जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से हाई लेवल मीटिंग, जानें किन बातों पर रहा फोकस

US-India Trade Deal: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में व्यापार, खनिज, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई।
Jaishankar-Marco Rubio Meeting
एस. जयशंकर, मार्को रुबियो (सोर्स- @DrSJaishankar)
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Jaishankar-Marco Rubio Meeting: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। यह भेंट महत्वपूर्ण खनिजों पर होने वाली पहली मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले हुई, जिसमें रुबियो ने विदेश विभाग में जयशंकर का औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हो रही है भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की चर्चा जोरों पर है।  मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। रणनीतिक साझेदारी के जिन अहम क्षेत्रों पर विचार हुआ, उनमें व्यापार, ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी शामिल रहे। दोनों पक्षों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की शीघ्र बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई।

अमेरिकी वित्त मंत्री से भी मिले जयशंकर

इससे पहले जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से भी मुलाकात की। इसे एक उच्च स्तरीय और “उपयोगी चर्चा” बताया गया, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना तथा आर्थिक साझेदारी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना था।

जयशंकर-रुबियो बैठक के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा कि दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का स्वागत किया। साथ ही, क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि साझा हितों की रक्षा के लिए एक समृद्ध और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र अत्यंत आवश्यक है।

तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं विदेश मंत्री

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं और बुधवार को रुबियो द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान वे अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।  जयशंकर और रुबियो की यह बैठक केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। बातचीत का प्रमुख फोकस लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना रहा, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत तकनीकों के लिए आवश्यक हैं।

वर्तमान वैश्विक हालात और भारत-अमेरिका के मजबूत होते संबंधों के बीच, यह बातचीत नए व्यापार समझौते को रणनीतिक आधार प्रदान करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह साझेदारी तकनीकी सहयोग, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई तक ले जाने वाली साबित हो सकती है।

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