नागपुर मनपा: 315 करोड़ की फाइलें तैयार, पर झोली खाली; विकास कार्यों की रफ्तार पड़ी धीमी

Nagpur Municipal Corporation Funds: नागपुर मनपा की झोली खाली! 315 करोड़ की फाइलें अटकीं, ठेकेदारों ने काम शुरू करने से किया इनकार। जानें क्या है बजट और निधि का पूरा गणित।
Nagpur Municipal Corporation faces a funding crunch as ₹315 crore remains stuck. Tenders are out, but contractors hesitate to start work without funds.
सड़क निर्माण अटकें (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
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Development Projects Nagpur: नागपुर सिटी के समग्र विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार की ओर से 4 माह पहले ही मनपा के लिए 315 करोड़ रुपये की निधि स्वीकृत की थी। इस निधि से शहर में सड़क, जलापूर्ति, स्ट्राम वाटर ड्रेनेज, स्वच्छता, पार्क और प्रकाश व्यवस्था के विकास कार्यों को गति मिलने की आशा जताई गई थी।

यहां तक कि निधि मिलने की घोषणा होते ही आनन-फानन में नगर विकास विभाग के सरकारी आदेश के आधार पर यह निधि अधिसूचित मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए प्रदान होने से कई विकास कार्यों के लिए टेंडर भी निकाले गए किंतु अब इसमें से 115 करोड़ की निधि जिलाधिकारी कार्यालय में आने की आशा जताई जा रही है।

हालांकि इन विकास कार्यों के लिए बुलाए गए टेंडर के अनुसार अब कार्यादेश जारी होने की प्रक्रिया तो पूरी की जा रही है किंतु फिलहाल मनपा की झोली खाली है।

चीफ इंजीनियर के पास फाइलों का अंबार

उल्लेखनीय है कि मनपा के अनुसार स्वीकृत धनराशि का उपयोग मुख्य एवं आंतरिक सड़कों के सीमेंटीकरण व डामरीकरण, पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइनों को बदलने, नई जल निकासी लाइनें बिछाने, पार्क व खेल के मैदानों के विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए होने का निर्णय लिया गया था।

इसके अलावा स्मार्ट लाइटिंग परियोजनाओं, स्वच्छता केंद्रों, सार्वजनिक शौचालयों और घनकचरा प्रबंधन प्रणालियों में सुधार जैसी योजनाओं के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया। मनपा के इंजीनियरिंग विभाग ने इन कार्यों के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार की और पहले चरण की निविदा प्रक्रिया नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू कर दी।

टेंडर होने के बाद आचार संहिता के कारण फाइलें अटकी रही किंतु अब आचार संहिता हटते ही कार्यादेश के लिए चीफ इंजीनियर के पास इन फाइलों का अंबार लग गया है, जबकि मनपा की तिजोरी में निधि आना अभी बाकी है।

450 करोड़ का सरकार के पास बकाया

सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से कई विकास कार्यों के लिए मनपा को निधि का आवंटन किया जाना है। इन 315 करोड़ के अलावा मनपा के अधिकार के 450 करोड़ रुपए भी मिलना बाकी है जिसके लिए राज्य सरकार के नगर विकास विभाग से पत्राचार भी किया गया किंतु अब तक इन 450 करोड़ में से निधि का आवंटन नहीं हो पाया है।

जिससे अब निकट भविष्य में प्रस्तुत होने वाले प्रशासक के संशोधित बजट में कुछ कार्यों पर कट लगने की संभावना सूत्रों ने जताई। जानकारों की मानें तो भले ही 315 करोड़ के विकास कार्यों के लिए कार्यादेश जारी हो रहे हों किंतु फिलहाल टेंडर पाने वाले ठेकेदारों की ओर से कार्य शुरू नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

निधि का उपयोग इन कार्यों के लिए होगा

  • सड़कें : प्रमुख और आंतरिक सड़कों का कंक्रीटीकरण और डामरीकरण।
  • जलापूर्ति एवं ड्रेनेज : पुरानी पाइपलाइनों को बदलना और नई ड्रेनेज लाइनें बिछाना।
  • स्वच्छता एवं प्रकाश : स्मार्ट लाइटिंग प्रोजेक्ट, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण और कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार।
  • सौंदर्यीकरण : उद्यानों और खेल के मैदानों का विकास।
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