संदर्भित तस्वीर (डिजाइन फोटो)
कोलकाता: नए वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत पर राजनीति शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस इन मौतों की जांच करने की बात कर रही है। इस बीच ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने मुर्शिदाबाद हिंसा में हुई मौतों को लेकर बड़ा दावा किया है। सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने हिंसा में हुई मौतों के लिए बीएसएफ को जिम्मेदार ठहराया है।
एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान मौतों के बारे में पूछे जाने पर सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि बीएसएफ की गोलियों से लोग मारे गए हैं। इसके लिए हमारी सरकार जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने गोली चलाई है, उनसे पूछिए। राज्य सरकार की पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई। इतना ही नहीं ममता सरकार के मंत्री ने कहा कि मुर्शिदाबाद हिंसा में बाहरी लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा में बीजेपी के लोग भी शामिल हो सकते हैं।
ममता बनर्जी सरकार में मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि हमने 10 अप्रैल 2025 को कलकत्ता में प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में लाखों लोग थे। इसमें साढ़े तीन हजार गाड़ियां आईं। वहां कोई हिंसा नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि इस हिंसा में बीजेपी के लोग घुस आए हों। उन्होंने कहा कि वे सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में पुलिस की गाड़ी पर हमला किया गया। बीडीओ ऑफिस में तोड़फोड़ की गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, हुगली, मालदा और 24 परगना जिलों में वक्फ एक्ट के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए। भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों समेत कई दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी। हिंसा भड़कने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी धर्मों के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
राजनीति की अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वहीं, हिंसा के बाद बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश जारी किया था, जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियां पश्चिम बंगाल भेजी गई थीं। पुलिस अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा है कि पश्चिम बंगाल में हालात सामान्य हैं।