Diwali Lights Neighbour Story : दिवाली के बाद भी बालकनी में लगी लाइटों को लेकर कवि निधि नरवाल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह समाज की सोच के खिलाफ खड़ी आज़ादी और खुशी की तारीफ करती नजर आती हैं।
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट।(सोर्स - सोशल मीडिया)
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Freedom Of Choice Viral Reel : मोहल्ले में कौन क्या कर रहा है, कैसे रह रहा है और क्या पहन रहा है- इन बातों पर नजर रखने वालों की कमी नहीं होती। ऐसे ही लोगों को आइना दिखाता एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह वीडियो पेशे से कवि और स्टोरीटेलर निधि नरवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें वह अपने पड़ोस के एक घर की बालकनी में अब तक लगी दिवाली की लाइट्स की बात करती हैं। निधि बताती हैं कि उन्हें पूरा भरोसा है कि मोहल्ले में कुछ लोग जरूर कहते होंगे कि “देखो, दिवाली निकल गई लेकिन इनकी लाइटें अब तक नहीं उतरीं।”
निधि इन लाइटों को लेकर अपना नजरिया साझा करते हुए कहती हैं कि जब भी उनकी नजर उन जगमगाती लाइटों पर पड़ती है, उनका दिल खुश हो जाता है। उनके मुताबिक, रोशनी किसी त्योहार या कैलेंडर की तारीख की मोहताज नहीं होती।
वह कहती हैं कि अगर कोई चीज किसी को खुशी देती है, तो उसे चार लोगों की सोच के डर से क्यों छोड़ा जाए। अपने वीडियो में निधि इस बात पर जोर देती हैं कि इंसान को अपने शौक, अपने काम और अपने सपनों के लिए किसी और की मंजूरी की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
निधि इस बालकनी की लाइटों को ‘जगमगाती हुई बगावत’ कहती हैं, जो समाज के बनाए हुए बेवजह के नियमों के खिलाफ खड़ी नजर आती हैं। वह यह भी बताती हैं कि सबसे अच्छी बात यह है कि ये लाइटें दिन में भी जली रहती हैं- चाहे जानबूझकर या गलती से।
सोशल मीडिया यूजर्स को निधि की यह सोच और उनकी स्टोरीटेलिंग खूब पसंद आ रही है। इंस्टाग्राम पर उनके 13 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और इस वीडियो को अब तक 12 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि यह वीडियो दूसरों की परवाह छोड़कर अपनी खुशी चुनने की सीख देता है।
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