Delhi Entrepreneur Daman Singh Truck Driver Vs Software Engineer Salary Savings Debate India
दिल्ली के उद्यमी का दावा: ‘मेरे ट्रक ड्राइवर कई सॉफ्टवेयर इंजीनियर से ज्यादा बचत करते हैं’
Truck Driver vs Software Engineer Salary : दिल्ली के उद्यमी डामन सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि उनके टॉप ट्रक ड्राइवर बचत के मामले में कई सॉफ्टवेयर इंजीनियरों से आगे हैं।
Viral Salary Debate : दिल्ली के एक उद्यमी का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। Daman Singh ने इंस्टाग्राम पर दावा किया कि उनके टॉप ट्रक ड्राइवर हाथ में मिलने वाली कमाई और बचत के मामले में कई सॉफ्टवेयर डेवलपर्स से आगे हैं।
इस पोस्ट ने भारत में ब्लू-कॉलर और व्हाइट-कॉलर नौकरियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कमाई और खर्च का गणित समझाते हुए लोगों से कौशल का सम्मान करने की अपील की।
डामन सिंह के अनुसार, मेट्रो शहरों में एक फ्रेश IT ग्रेजुएट की शुरुआती सैलरी करीब 40,000 रुपये होती है। लेकिन किराया, टैक्स और खाने-पीने के खर्च के बाद महीने के अंत में बहुत कम बचत रह जाती है। उनका कहना है कि 40,000 रुपये में से करीब 30 प्रतिशत किराए या पीजी में चला जाता है।
टैक्स और अन्य खर्चों के बाद करीब 5,000 रुपये ही बच पाते हैं। इसके मुकाबले उन्होंने दावा किया कि उनके अनुभवी हैवी-ड्यूटी ट्रक ड्राइवर 45,000 से 55,000 रुपये तक कैश में कमाते हैं। उनके मुताबिक, ड्राइवरों को किराया और इनकम टैक्स जैसी कटौतियों का सामना कम करना पड़ता है, जिससे वे गांव में घर बना पा रहे हैं, जबकि कई इंजीनियर शहर में EMI चुका रहे हैं।
लोगों ने कहा- ज्यादा कमाई का मतलब आसान जिंदगी नहीं
यह पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ यूजर्स ने ट्रक ड्राइवरों की कमाई और संपत्ति का उदाहरण देते हुए उद्यमी की बात का समर्थन किया।
वहीं कई लोगों ने कहा कि ज्यादा कमाई का मतलब आसान जिंदगी नहीं है, क्योंकि ट्रकिंग बेहद कठिन और जोखिम भरा काम है। डामन सिंह ने भी माना कि दोनों पेशों की अपनी-अपनी चुनौतियां हैं। उन्होंने ब्लू-कॉलर काम को कमतर न आंकने और स्किल का सम्मान करने की अपील की।
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