
वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट (सोर्स - सोशल मीडिया)
Chhattisgarh Teacher Suspended : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मचानडांड कोगवार में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पदस्थ सहायक शिक्षक एलबी प्रवीण टोप्पो को इसलिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि वे बच्चों को अंग्रेजी के बेहद साधारण शब्द भी गलत तरीके से सिखा रहे थे।
सोशल मीडिया पर शिक्षक द्वारा गलत पढ़ाई का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा गया कि शिक्षक Nose की जगह “Noge”, Ear की जगह “Eare” और Eye की जगह “ley” सिखा रहे थे।
इतना ही नहीं, सप्ताह के दिनों के नाम, Father-Mother-Brother-Sister जैसे शब्दों की स्पेलिंग भी गलत लिखी हुई थीं। कक्षा में ब्लैकबोर्ड पर गलत शब्द लिखना और बच्चों को वही गलतियों को दोहराना सिखाना, पूरे शिक्षा विभाग की किरकिरी का कारण बन गया।
A viral video from Chattisgarh recently showed a teacher delivering shockingly wrong English lessons. This was reshared by major TV channels and followed by his suspension. But the real question is bigger: How did someone so unprepared get hired as a teacher in the first place?… pic.twitter.com/hsd5HfyeUy — Clear Cut (@ClearCutMag) November 18, 2025
वीडियो सामने आने के बाद हुई कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने तुरंत जांच शुरू कराई। जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव ने संकुल समन्वयक को स्कूल भेजकर पूरे मामले की पड़ताल करवाई। जांच में यह साफ हो गया कि शिक्षक प्रवीण टोप्पो बच्चों को लगातार गलत स्पेलिंग लिखना सिखा रहे थे और यही शब्द ब्लैकबोर्ड पर भी लिखे थे।
जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर शिक्षा विभाग ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। स्कूल में कुल 42 बच्चे पढ़ते हैं और यहां दो शिक्षक पदस्थ थे, जिनमें से एक अब निलंबित हो चुका है। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
ये खबर भी पढ़ें : बेंगलुरु का ‘पीक मोमेंट’: रैपिडो राइडर निकला डेवलपर, सफर में सुन रहा था कोडिंग ट्यूटोरियल
अभिभावकों की मांग स्कूल में हो योग्य शिक्षकों की भर्ती
अभिभावकों का कहना है कि अगर शिक्षक ही बच्चों को गलत शिक्षा देंगे, तो उनका भविष्य अंधेरे में जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि स्कूल में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक भेजे जाएं ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अभिभावकों का यह भी कहना है कि कई बार वे स्कूल में होने वाली पढ़ाई पर भरोसा कर लेते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बच्चों की बुनियादी शिक्षा को नुकसान पहुंचाती हैं। घटना ने शिक्षा विभाग को भी सतर्क कर दिया है, और उम्मीद है कि ऐसे मामलों पर आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी।






