शिक्षकों के बिना पढ़ाई: भंडारा में 876 शिक्षक पद खाली, जिप स्कूलों पर संकट के बादल

Bhandara ZP Schools: भंडारा जिले के जिप स्कूलों में 876 शिक्षक पद रिक्त हैं। इससे 75 हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों में आक्रोश है और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
Learning without teachers: 876 teacher positions vacant in Bhandara, cloud of crisis looms over ZP schools
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Bhandara Teacher Vacancy: भंडारा महाराष्ट्र में जिला परिषद स्कूलों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण भंडारा जिले में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का संकट गहरा गया है। जिले के स्कूलों में वर्तमान में शिक्षकों के 876 पद खाली पड़े हैं, जिससे हजारों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।

इस गंभीर मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए जिला परिषद के शिक्षा सभापति नरेश ईश्वरकर ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक भर्ती के लिए विशेष अभियान नहीं चलाया गया, तो जिला परिषद पदाधिकारी श्रृंखला अनशन शुरू करेंगे।

भंडारा जिले में जिला परिषद के माध्यम से संचालित 761 प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल और 32 हाईस्कूल तथा कनिष्ठ महाविद्यालयों सहित कुल 793 शिक्षण संस्थान कार्यरत हैं। इन स्कूलों में मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लगभग 70 से 75 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) 2011 के तहत प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना अनिवार्य है, लेकिन शिक्षकों के अभाव में इस कानून का जिले में उल्लंघन होता दिखाई दे रहा है।

रिक्त पदों की इतनी बड़ी संख्या के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का शैक्षणिक स्तर प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की ओर से चार महीने पहले पवित्र पोर्टल के माध्यम से कुछ शिक्षकों की भर्ती की गई थी, लेकिन यह संख्या बहुत कम होने के कारण स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ।

विभिन्न श्रेणियों के 876 पद रिक्त होने से जिला परिषद के विद्यार्थी निजी स्कूलों के छात्रों को तुलना में प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। इस स्थिति को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों में गहरा असंतोष है। कई गांवों में ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया है, तो कहीं माता-पिता अपने बच्चों के साथ जिला परिषद कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

शिक्षण कार्य प्रभावित

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को निवेदन भेजकर मांग की है कि आगामी बजट सत्र में जिला परिषद स्कूलों के लिए विशेष शिक्षक भर्ती की मंजूरी दी जाए। यदि सरकार ने तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए, तौ आदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों मैं एक ही शिक्षक पर पूरे स्कूल की जिम्मेदारी आ गई है, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

- नरेश ईश्वरकर, सभापति, शिक्षा विभाग

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