भारत ने खरीदा रूस से बंपर तेल! ट्रंप को नागवार गुजरेगा ग्लोबल गेम?, VIDEO

Oil Trade: भारत सिर्फ रूस का तेल खरीद नहीं रहा।बल्कि उस तेल को रिफाइन करके दुनिया के कई देशों को ईंधन भी बेच रहा है।

India-Russia Oil Trade: भारत ने एक बार फिर रूस से चीन के बाद बंपर तेल खरीद लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारत ने जून महीने में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है। इतना ही नहीं, भारत अब रूस से तेल और अन्य जीवाश्म ईंधन खरीदने के मामले में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक बन गया है। यानी एक तरफ पश्चिमी देश रूस पर दबाव बना रहे हैं, दूसरी तरफ भारत अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से सस्ते तेल की खरीद बढ़ा रहा है। लेकिन सवाल है कि आखिर भारत ने इतनी बड़ी मात्रा में रूसी तेल क्यों खरीदा? रूस को इससे कितना फायदा हुआ? और क्या भारत सिर्फ तेल खरीद रहा है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति भी है? दरअसल, रूस लंबे समय से भारत को रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराता रहा है। यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद रूस को नए खरीदारों की जरूरत थी। भारत ने इस अवसर को पहचाना और बड़े पैमाने पर रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया।इसका फायदा दोनों देशों को मिला।भारत को सस्ता तेल मिला और रूस को बड़ा बाजार।

रिपोर्ट बताती है कि भारत की प्रमुख रिफाइनरियों में रूसी तेल की आपूर्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल की सप्लाई 150 प्रतिशत तक बढ़ गई। इंडियन ऑयल की पारादीप रिफाइनरी में यह बढ़ोतरी 126 प्रतिशत रही।वहीं बीपीसीएल की कोच्चि रिफाइनरी में 83 प्रतिशत और नायरा एनर्जी की वडिनार रिफाइनरी में 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।यानी भारत की बड़ी-बड़ी रिफाइनरियां अब पहले से कहीं ज्यादा रूसी तेल प्रोसेस कर रही हैं। लेकिन यहां एक और दिलचस्प मोड़ आता है। भारत सिर्फ रूस का तेल खरीद नहीं रहा।बल्कि उस तेल को रिफाइन करके दुनिया के कई देशों को ईंधन भी बेच रहा है।रिपोर्ट के अनुसार भारत, तुर्किये, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने जून महीने में उन देशों को 81 करोड़ यूरो से ज्यादा के तेल उत्पाद निर्यात किए जिन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन देशों में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका भी शामिल हैं।

संबंधित खबरें

No stories found.
Navbharat Live
navbharatlive.com