UP में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटने से BJP में हड़कंप, योगी के इमरजेंसी मीटिंग में क्या हुई बात?

UP Voter List Draft 2026: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा जारी नई वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने से बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है।
up voter list draft: bjp target 200 voters per booth
CM योगी (Image- Social Media)
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UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक ऐसी सूची सामने आई है, जिसने सत्ताधारी दल की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, चुनाव आयोग (EC) द्वारा यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (SIR) जारी की गई है। इस सूची के सामने आते ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि इसमें प्रदेश के करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो कुल वोटरों का लगभग 18.70 प्रतिशत है।

इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी नेतृत्व ने अब हर कार्यकर्ता को ‘मिशन 200’ का लक्ष्य दिया है, ताकि विपक्ष के हमलों से पहले अपने वोट बैंक को फिर से मज़बूत किया जा सके। सवाल यह है कि आखिर सत्ताधारी दल को इतने बड़े पैमाने पर नए नाम जुड़वाने की ज़रूरत क्यों पड़ी? आइए इसकी वजह समझते हैं।

वोटर लिस्ट में भारी कटौती

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार यूपी की ड्राफ्ट लिस्ट में फिलहाल 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। देश में सबसे ज्यादा नाम कटने के मामलों में यूपी शीर्ष पर रहा है। आयोग का कहना है कि ये नाम मुख्य रूप से मतदाताओं की मृत्यु, स्थान परिवर्तन, लंबे समय से अनुपस्थित रहने या एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने की वजह से हटाए गए हैं।

बीजेपी का ‘मिशन 3.5 करोड़’

हाल ही में हुए युक्तिकरण (Rationalisation) के बाद प्रदेश में अब करीब 1.77 लाख पोलिंग बूथ हैं। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी का लक्ष्य प्रदेश भर में लगभग 3.5 करोड़ नए और वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना है। इसमें खास तौर पर तीन वर्गों पर ध्यान दिया जाएगा—पहली बार वोट देने वाले युवा, वे लोग जिनके नाम दस्तावेज़ी या तकनीकी कारणों से कट गए, और ऐसे मतदाता जिनका फिलहाल पता नहीं चल पा रहा है। बीजेपी का आकलन है कि प्रदेश में पात्र मतदाताओं की संख्या करीब 15.5 करोड़ होनी चाहिए, जबकि ड्राफ्ट लिस्ट में यह आंकड़ा काफी कम दिख रहा है।

ड्राफ्ट लिस्ट के बाद CM योगी और प्रदेश अध्यक्ष की बैठक

सूत्रों के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान बड़ी संख्या में नाम कटने पर चिंता जताई गई और इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए हर पोलिंग बूथ पर कम से कम 200 नए वोटर जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया।

प्रवासी और दोहरी आईडी वाले वोटरों पर फोकस

बीजेपी उन लोगों से भी संपर्क करेगी जो यूपी के निवासी हैं, लेकिन काम के सिलसिले में दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में रहते हैं और वहीं मतदाता बने हुए हैं। पार्टी उन्हें यूपी में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करेगी। इसके अलावा जिन मतदाताओं के नाम शहर और गांव दोनों जगह दर्ज हैं, उनसे कहा जाएगा कि वे उसी स्थान पर वोट रखें जहां मतदान के दिन पहुंचना आसान हो।

दो जगह नाम दर्ज वोटरों से दोबारा संपर्क

पार्टी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे मतदाताओं से फिर संपर्क करें, जिनका नाम एक शहर और दूसरा गांव या स्थायी पते पर दर्ज है। एक बीजेपी नेता के मुताबिक, SIR से जुड़ी आशंकाओं के कारण कई मतदाताओं ने शहर की बजाय गांव में वोट बनाए रखना चुना है, लेकिन मतदान के दिन लंबी दूरी तय करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उनसे अपील की जाएगी कि वे उसी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में मतदाता बने रहें, जहां वे आसानी से मतदान कर सकें।

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