
सोनभद्र में ड्रिलिंग के दौरान बड़ा हादसा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Sonbhadra Mining Accident: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रविवार दोपहर एक बड़ा खनन हादसा सामने आया है। बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र की रासपहारी खदान में उस समय अफरातफरी मच गई जब ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग की तैयारी के दौरान अचानक भारी चट्टानें ढह गईं। देखते ही देखते 300 फीट गहरी खदान में भारी मात्रा में मलबा गिरा, जिसमें मौके पर काम कर रहे मजदूर दब गए।
मलबे से अब तक दो मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं। मृतकों की पहचान संतोष पुत्र शोभनाथ और इंद्रजीत पुत्र शोभनाथ, निवासी करमसार गांव, के रूप में हुई है। दोनों सगे भाइयों की अचानक हुई मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
हादसा कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में हुआ बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण पहाड़ी का हिस्सा अचानक धंस गया। अधिकारियों के मुताबिक, खदान में लगभग 12 मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि संख्या इससे अधिक हो सकती है। अभी भी 15 से ज्यादा मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
घटना के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनभद्र दौरे पर थे। हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फोन कर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायल मजदूरों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। लेकिन मलबा बेहद भारी है और ऊंचाई से गिरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाना काफी मुश्किल हो रहा है। फिलहाल स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
वहीं, राज्य के समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की। उन्होंने कहा कि “आज भगवान बिरसा मुंडा जयंती का कार्यक्रम था और सरकार की ओर से खदानों में काम बंद रखने का निर्देश भी था। इसके बावजूद खदान में काम कैसे हुआ, यह बड़ा सवाल है और जांच का विषय है।”
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मंत्री ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन देर से शुरू हुआ, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और खनन कंपनी तथा जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






