

Wardha Temperatures News: वर्धा गर्मी की शुरुआत होते ही जिले में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। बढ़ते औद्योगिकीकरण, घरेलू उपकरणों के बढ़ते उपयोग और तापमान में वृद्धि के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। हालांकि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम पड़ने से कई क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती का सामना नागरिकों को करना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
जिले में वर्तमान में लगभग 3 लाख 25 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा करीब 22 हजार व्यावसायिक और 4 हजार 725 औद्योगिक उपभोक्ता भी हैं। इन सभी वर्गों में बिजली की मांग बढ़ने से वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी, कूलर, फ्रिज, पंखे तथा पानी की मोटर जैसे उपकरणों का उपयोग काफी बढ़ जाता है।
इससे बिजली की खपत अचानक बढ़ जाती है। बढ़ती मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध न होने से वितरण तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है। कई स्थानों पर तकनीकी खराबी, ओवरलोड और मरम्मत कार्य के कारण भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
इसके चलते वर्धा शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अघोषित बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। हालांकि बिजली वितरण कंपनी की ओर से आधिकारिक रूप से लोडशेडिंग की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में दिन में कई बार बिजली जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अचानक होने वाली बिजली कटौती से घरेलू कामकाज, व्यापारिक गतिविधियों और लघु उद्योगों पर भी असर पड़ रहा है।
इस बीच जिले में सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से कुछ हद तक राहत मिलती दिखाई दे रही है। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कुछ उद्योगों और घरों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे दिन के समय बिजली पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सौर ऊर्जा का उपयोग और बढ़ने पर बिजली संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।