हॉर्मुज में तेल रोका तो करेंगे 20 गुना भीषण हमला; ट्रंप ने ईरान को दी अब तक की सबसे बड़ी धमकी

Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने ट्रंप को 'खत्म होने' की चेतावनी दी है, तो वहीं ट्रंप ने बड़े हमले की बात कही है।
Trump issues Iran's biggest threat yet: "We will launch a 20-fold attack if the oil pipeline in Hormuz is blocked."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Hormuz Strait Oil Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और अमेरिका के बीच का युद्ध अब केवल मिसाइलों और गोलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच जुबानी हमले भी अपने चरम पर पहुंच गए हैं। मंगलवार (10 मार्च, 2026) को ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर ललकारते हुए एक बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है।

ट्रंप खुद ही खत्म न हो जाएं

न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, ईरान के सुरक्षा अधिकारी ने डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अब अलर्ट रहने की जरूरत है, क्योंकि वे खुद ही खत्म हो सकते हैं। यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के विभिन्न ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं और तेहरान अपनी जवाबी कार्रवाई से इसका जवाब दे रहा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका ने अपने हमले बंद नहीं किए, तो उसे भविष्य में इसके 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे।

20 गुना हमले की धमकी

दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में रिपब्लिकन सांसदों के साथ बातचीत में एक अलग ही राग अलापा। ट्रंप का मानना है कि ईरान के खिलाफ यह युद्ध बहुत छोटा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में कुछ 'शैतानी ताकतों' को खत्म करने के इरादे से गया था और उन्हें उम्मीद है कि यह जल्द ही खत्म हो जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आपूर्ति रोकने की कोई भी कोशिश की, तो अमेरिका उन पर अब तक की तुलना में 20 गुना अधिक जोरदार हमला करेगा।

कूटनीति की गुंजाइश खत्म: अब्बास अराघची

युद्ध के बीच कूटनीतिक वार्ताओं की संभावनाओं को ईरान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पीबीएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव बेहद कड़वा रहा है। उन्होंने अमेरिका पर बार-बार विश्वासघात करने और सैन्य आक्रामकता दिखाने का आरोप लगाया। अराघची के अनुसार, ईरान ने पिछले साल अच्छे इरादों के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन उसी दौरान उन पर हमला कर दिया गया।

आत्मरक्षा का दावा

ईरान ने फारस की खाड़ी के देशों को संदेश देते हुए कहा है कि अमेरिकी ठिकानों पर उनके हमले 'आत्मरक्षा के अधिकार' के तहत किए गए हैं। अराघची ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध ईरान ने नहीं चुना, बल्कि उन पर थोपा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपनी जनता की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने तक मिसाइल हमले जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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