योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब बिना खतौनी जांच नहीं होगा बैनामा; गांवों के लिए बस सेवा समेत 30 प्रस्ताव पास

Yogi Cabinet Meeting: CM योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 30 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें जमीन रजिस्ट्री में पारदर्शिता, ग्रामीण परिवहन और कर्मचारियों के लिए सख्त नियम शामिल हैं।
Yogi cabinet takes major decision, no deeds will be executed without Khatauni verification; 30 proposals passed, including bus service for villages.
योगी कैबिनेट की बैठक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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UP Land Registry New Rules: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास और सुशासन की दिशा में कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इस बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दे दी गई है।

जमीन रजिस्ट्री में फर्जीवाड़े पर लगाम

यूपी सरकार ने जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए 'स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग' के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। अब प्रदेश में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले खतौनी और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य होगा। राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बिना अब रजिस्ट्री संभव नहीं होगी, जिससे न केवल आम आदमी का पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर भी सीधी चोट होगी।

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का आगाज

ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना' को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश के 12,200 दूर-दराज के गांवों को सीधी बस सेवा से जोड़ा जाएगा। इन रूटों पर 28 सीटर छोटी और मझोली बसें चलाई जाएंगी, जो सुबह जिला मुख्यालयों के लिए रवाना होंगी और शाम को वापस गांवों में रुकेंगी। खास बात यह है कि इन बसों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा और न ही परमिट की जरूरत होगी।

ओला-उबर और सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती

अब ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को भी परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके लिए 25,000 रुपये आवेदन शुल्क और कंपनियों के लिए 5 लाख रुपये की फीस तय की गई है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों के लिए 'आचरण नियमावली' को सख्त करते हुए यह नियम बनाया गया है कि यदि कोई कर्मचारी अपने दो माह के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति (जैसे सोना या वाहन) खरीदता है, तो उसे सरकार को सूचना देनी होगी। साथ ही, शेयर बाजार में 6 माह के वेतन से अधिक निवेश पर भी घोषणा अनिवार्य होगी।

आवास और बुनियादी ढांचे का विकास

आवास विभाग ने 19 हजार डिफॉल्टरों को राहत देते हुए 'वन टाइम सेटलमेंट' (OTS) योजना शुरू की है। इसके अलावा, बरेली, वाराणसी, अयोध्या और कानपुर समेत कई शहरों में विकास परियोजनाओं के लिए बजट जारी किया गया है। अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कानपुर में गंगा नदी पर 4-लेन पुल का निर्माण भी इन फैसलों का हिस्सा है।

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