8 बार के MLA और पूर्व मंत्री सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, सियासत में अपने गुरू को भी दी थी मात

Vijay Singh Gond Death: उत्तर प्रदेश की अंतिम विधानसभा सीट दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का निधन हो गया है। वे आदिवासी समाज के अधिकारों और सादगी के लिए जाने जाते थे।
Vijay Singh Gond Death
सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, फोटो- सोशल मीडिया
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Dudhi MLA Passes Away: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा से समाजवादी पार्टी विधायक विजय सिंह गोंड का असामयिक निधन हो गया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे आदिवासी समाज सहित राजनीतिक और सामाजिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है। बतायाय जा रहा है कि वे जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए एक योद्धा की तरह लड़ते थे।

दुद्धी विधानसभा से लगातार सक्रिय रहे सपा विधायक विजय सिंह गोंड अपनी सादगी और सहज व्यवहार के लिए जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। सूत्रों के अनुसार, वे आदिवासी समाज की एक सशक्त आवाज थे, जिन्होंने हमेशा विधानसभा में दुद्धी क्षेत्र के पिछड़ेपन को प्रमुखता से उठाया। उनके निधन को क्षेत्र के लिए एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

किडनी की बीमारी से जूझते हुए तोड़ा दम

सोनभद्र के दुद्धी से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का 71 वर्ष की आयु में बुधवार को निधन हो गया। सूत्रों के अनुसार, वे लंबे समय से बीमार थे और उनकी दोनों किडनियां खराब हो गई थीं, जिसके कारण उन्हें लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) में भर्ती कराया गया था। विधायक के निधन की जानकारी मिलते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव तुरंत अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

8 बार के विधायक और 'गुरु' को हराने का रिकॉर्ड

विजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है; वे कुल 8 बार विधायक चुने गए। उनके करियर की सबसे बड़ी जीत 1989 में रही, जब उन्होंने निर्दलीय लड़कर अपने ही राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय लिखा था। वे 1980 और 1985 में कांग्रेस के टिकट पर, 1991 और 1993 में जनता दल से, और 1996, 2002 तथा 2024 में समाजवादी पार्टी से विधायक बने। वे मुलायम सिंह सरकार में राज्यमंत्री के पद पर भी रहे थे।

2024 उपचुनाव में दर्ज की थी शानदार जीत

हाल ही में, भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को सजा होने के बाद दुद्धी सीट खाली हुई थी, जिसके बाद हुए उपचुनाव में सपा ने विजय सिंह पर भरोसा जताया। उन्होंने भाजपा के श्रवण गोंड को 3,000 वोटों के अंतर से हराकर आठवीं बार विधानसभा में अपनी जगह बनाई थी। उनके निधन के बाद अब उत्तर प्रदेश में तीन विधानसभा सीटें (दुद्धी, घोसी और फरीदपुर) रिक्त हो गई हैं, जिन पर उपचुनाव होने की संभावना है।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

सपा नेता अवध नारायण यादव के अनुसार, विजय सिंह गोंड का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए डीसीएफ कॉलोनी स्थित गोंडवाना भवन में रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को दुद्धी के कमहर घाट पर किया जाएगा। क्षेत्रीय जनता और सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक ऐसे 'जमीनी योद्धा' के रूप में याद किया, जिन्होंने जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

विजय सिंह गोंड ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में जल-जंगल-जमीन के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव अपनी प्राथमिकता में रखा। वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करने वाले एक संघर्षशील व्यक्तित्व थे। निधन की खबर फैलते ही उनके आवास पर समर्थकों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की भारी भीड़ जुटने लगी।

पार्टी और क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति: समर्थक

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने संघर्ष करने वाला एक सच्चा योद्धा खो दिया है। उन्होंने इसे पार्टी और क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। सपा नेतृत्व ने उन्हें एक 'जमीनी नेता' करार देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन जनसेवा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा।

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