नागपुर रेलवे स्टेशन अपडेट: 31 एस्केलेटर और 28 लिफ्ट का सपना कब होगा पूरा? देखें लेटेस्ट रिपोर्ट

Nagpur Railway Station: नागपुर स्टेशन पुनर्विकास की डेडलाइन खत्म, काम अब भी अधूरा। 487 करोड़ के प्रोजेक्ट में देरी से यात्री परेशान। जानें कब तक बनेगा विश्व स्तरीय स्टेशन।
Nagpur Station Redevelopment misses deadline
नागपुर रेलवे स्टेशन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Railway Redevelopment Project: रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) की निगरानी में जारी नागपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास (रिडेवलपमेंट) प्रोजेक्ट को लेकर एक ओर प्रगति के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि 11 दिसंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की तय समय-सीमा लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन निर्माण कार्य अब भी काफी अधूरा है।

उल्लेखनीय है कि 487.77 करोड़ रुपये की लागत से चल रही यह परियोजना 36 महीनों में पूरी होनी थी। इस प्रकार 11 दिसंबर 2025 को केवल 3 दिन बाकी है और स्टेशन परिसर में जगह-जगह निर्माण जारी है। इसका सीधा असर रोजाना हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है जिन्हें लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

क्या-क्या बनाया जाना है...

  • पूर्व व पश्चिम भाग में आगमन और प्रस्थान विंग
  • मेट्रो स्टेशन और बेसमेंट पार्किंग के साथ कनेक्टिविटी
  • एलिवेटेड कॉनकोर्स (108 मी. x 52 मी.) के 27 मी. चौड़े FOB
  • 28 लिफ्ट और 31 एस्केलेटर
  • रिटेज स्टेशन भवन का उसके मूल गौरव को बहाल करना
  • टिकट विंडो और कतार क्षेत्र : पूर्व-270 वर्गमीटर, पश्चिम-210 वर्गमीटर
  • वेटिंग एरिया (कॉनकोर्स) : 1,495 वर्गमीटर, रिटेल कॉनकोर्स 2,350 वर्गमीटर (लगभग)
  • पूर्व व पश्चिम की ओर : यात्रियों के लिए 6 मी. चौड़े 2 विशाल FOB
  • बेसमेंट पार्किंग : (290 कारें, 160 ऑटो. 1.600 दोपहिया, एक बस, एक एम्बुलेंस)
  • टैक्सी, निजी कारों और तिपहिया वाहनों के लिए डेडिकेटेड लेन
  • अन्य सुविधायें : ग्रीन विल्डिंग, एग्जीक्यूटिव लाउंज, दिव्यांग अनुकूल, लाउंज, वाटर हार्वेस्टिंग, अपग्रेडेड ड्रेनेज मैनेजमेंट, स्मार्ट स्टेशन स्काडा, छत पर सौर पैनल और बीएमएस सिस्टम, फायर सेफ्टी, सीसीटीवी सिक्योरिटी सिस्टम, इमरजेंसी पावर बैकअप।

GM भी स्वीकार चुके हैं देरी...

उल्लेखनीय है कि निर्माण में हो रही देरी के कारण जहां यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं मध्य रेल के प्रभारी महाप्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता भी इस देरी को स्वीकार कर चुके हैं। अपने गत माह नागपुर दौरे पर उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े निर्माण में नींव का काम सबसे अधिक कठिन होता है। नागपुर स्टेशन के पुननिर्माण के तहत 2 बड़ी इमारतों पूरी हो चुकी हैं और बाकी के काम भी नींव से ऊपर शुरू हो चुके हैं। वहीं ट्रेनों के परिचालन के बीच निर्माण की चुनौतियां और अधिक कड़ी हो जाती है। हालांकि अगले एक वर्ष बाद काफी काम पूरा हो चुका होगा और विश्व स्तरीय स्टेशन नजर आने लगेगा।

ये काम हुए पूरे...

पूर्वी विंग में, ईस्ट साइड अराइवल बिल्डिंग (ईडब्ल्यू-1) जिसमें बेसमेंट, भूतल तथा 5 ऊपरी मंजिलें शामिल हैं। इसका स्लैब कास्टिंग कार्य टेरेस स्तर तक पूर्ण कर लिया गया है। आंतरिक फिनिशिंग कार्यों के साथ-साथ मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग एवं फायर फाइटिंग (एमईपीएफ) से संबंधित कार्य जारी हैं।

वहीं ईस्ट साइड डिपार्चर बिल्डिंग (ईडब्ल्यू-2) में भी बेसमेंट से लेकर टेरेस स्तर तक स्लैब कास्टिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। यहां आंतरिक फिनिशिंग, एमईपीएफ कार्य, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की स्थापना तथा फ्लोरिंग के कार्य प्रगति पर हैं।

यूनिफाइड बेसमेंट (ईडब्ल्यू-3) में पूर्वी साइड की पुरानी स्टेशन इमारत का ध्वस्तीकरण पूर्ण कर लिया गया है। दक्षिणी फुट ओवर ब्रिज में आवश्यक परिवर्तन कार्य किए जा चुके हैं तथा फाउंडेशन एवं स्लैब कास्टिंग का कार्य पूरा हो गया है। वर्टिकल सर्कुलेशन से जुड़े कार्य वर्तमान में जारी हैं।

पश्चिमी भाग में ग्राउंड प्लस 7 मंजिला प्रशासनिक भवन (डब्ल्यूडब्ल्यू-4) के प्रमुख निर्माण चरण पूरे कर लिए गये हैं। इसका राफ्ट फाउंडेशन पूर्ण हो चुका है तथा 7वीं मंजिल तक स्लैब कास्टिंग का कार्य संपन्न हो गया है।

मंडल प्रबंधन को नहीं पता, बदल गया साल

मंडल रेल, नागपुर मंडल के जनंसपर्क विभाग की ओर आधिकारिक रूप से दी गई जानकारी के अनुसार, पश्चिमी विंग में बेसमेंट संरचना (डब्ल्यूडब्ल्यू-3) का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसे सरफेस पार्किंग के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसे सितंबर 2025 तक मंडल को सौंपे जाने की योजना है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 को बीते हुए 3 महीने बीत चुके हैं और मंडल प्रबंधन के रिकॉर्ड में अब भी यह माह आने का ही है। दिसंबर 2025 बीतने के बाद भी उक्त अंडरग्राउंड पार्किंग अभी तक मंडल प्रबंधन को सौंपी नहीं गई है।

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