Kashi Vishwanath Corridor Expansion: वाराणसी के प्रसिद्ध दालमंडी बाजार में बुधवार को एक बार फिर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के विस्तार के तहत, सड़क चौड़ीकरण के लिए भारी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में भवनों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में चिंता है।
वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार में बुधवार को प्रशासन का ‘हथौड़ा’ एक बार फिर चला। इस ध्वस्तकरण अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई और ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की गई। प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को नियंत्रित किया ताकि विधिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।, बुधवार की कार्रवाई में तीन प्रमुख मकानों को लक्षित किया गया, जिनमें से एक का मालिक स्वयं ध्वस्तकरण कर रहा था, जबकि शेष दो पर पीडब्ल्यूडी (PWD), राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
प्रशासनिक योजना के अनुसार, काशी विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं की पहुंच को सुगम और आसान बनाने के लिए इस मार्ग का चौड़ीकरण अनिवार्य है।, इस परियोजना के दायरे में कुल 181 भवन और 6 मस्जिदें (धार्मिक स्थल) चिन्हित किए गए हैं।, अधिकारियों का कहना है कि अब तक 20 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और प्रभावित स्वामियों को उचित मुआवजा प्रदान कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय दिया गया और मुनादी के जरिए लोगों को सूचित किया गया था।
Kashi Vishwanath Corridor Expansion: वाराणसी के प्रसिद्ध दालमंडी बाजार में बुधवार को एक बार फिर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के विस्तार के तहत, सड़क चौड़ीकरण के लिए भारी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में भवनों को ढहाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों में चिंता है।
वाराणसी के चर्चित दालमंडी बाजार में बुधवार को प्रशासन का ‘हथौड़ा’ एक बार फिर चला। इस ध्वस्तकरण अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई और ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की गई। प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को नियंत्रित किया ताकि विधिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।, बुधवार की कार्रवाई में तीन प्रमुख मकानों को लक्षित किया गया, जिनमें से एक का मालिक स्वयं ध्वस्तकरण कर रहा था, जबकि शेष दो पर पीडब्ल्यूडी (PWD), राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
प्रशासनिक योजना के अनुसार, काशी विश्वनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं की पहुंच को सुगम और आसान बनाने के लिए इस मार्ग का चौड़ीकरण अनिवार्य है।, इस परियोजना के दायरे में कुल 181 भवन और 6 मस्जिदें (धार्मिक स्थल) चिन्हित किए गए हैं।, अधिकारियों का कहना है कि अब तक 20 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और प्रभावित स्वामियों को उचित मुआवजा प्रदान कर दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय दिया गया और मुनादी के जरिए लोगों को सूचित किया गया था।






