मायावती पर टिप्पणी पड़ी भारी: राहुल गांधी और उदित राज को कोर्ट का बुलावा, न्यायालय ने दिया नोटिस

BSP चीफ मायावती को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज को बदायूं कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है।
Rahul Gandhi Budaun Court Notice on Udit Raj Mayawati Controversy
राहुल गांधी और उदित राज को बदायूं कोर्ट से नोटिस (फोटो- सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Court Notice: राजनीति में जुबानी जंग अक्सर नेताओं को अदालती चक्करों में फंसा देती है। ऐसा ही कुछ हुआ है कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और उदित राज के साथ। बसपा सुप्रीमो मायावती पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों ने अब कानूनी रूप ले लिया है। बदायूं की अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए इन दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर तलब किया है। यह मामला अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और हर कोई इसकी अगली तारीख का इंतजार कर रहा है।

यह पूरा मामला बदायूं शहर के नेकपुर निवासी जय सिंह सागर की याचिका पर आधारित है। उन्होंने अपने वकील के जरिए सीजेएम कोर्ट में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इसी पर संज्ञान लेते हुए एडीजे और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने यह बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने दोनों नेताओं से अपना पक्ष रखने को कहा है, जिससे आने वाले दिनों में उनकी मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।

17 फरवरी का वो विवादित ट्वीट

याचिका के मुताबिक इस पूरे विवाद की जड़ 17 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक पोस्ट है। आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज ने अपने आधिकारिक खाते से मायावती को लेकर एक वीडियो और कुछ बातें साझा की थीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन पोस्टों में मायावती के खिलाफ भ्रष्टाचार और लूट जैसे बेहद गंभीर और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। बात सिर्फ उदित राज तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि याचिका में यह भी दावा किया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

नफरत की आग और अदालती दांव

अदालत में दी गई अर्जी में साफ तौर पर कहा गया है कि इन सोशल मीडिया पोस्टों के जरिए बसपा प्रमुख की छवि को जानबूझकर धूमिल करने की कोशिश की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाने और मायावती के समर्थकों को उकसाने का काम कर रही हैं। इससे उनके अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में तनाव की स्थिति पैदा होने का डर है। इन पोस्टों को मानहानिकारक और भड़काऊ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी, जिस पर अब अदालत ने संज्ञान लिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस के ये दोनों बड़े नेता अदालत के इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं।

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