लालू परिवार को कोर्ट से लगा झटका...लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय, तेजस्वी-राबड़ी समेत 40 लोग आरोपी

Land for Job Scam: नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर राउज एवेन्यू कोर्ट आज फैसला सुनाया।
Rouse Avenue Court on Land for Job Scam
लालू यादव (File Photo)
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Rouse Avenue Court on Land for Job Scam: ज़मीन के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े CBI मामले में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर दिल्ली का राऊज एवेन्यु कोर्ट आज फैसला सुनाया। इस केस में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी यादव, दोनों बेटे- तेजस्वी और तेज प्रताप यादव, बेटी- मीसा भारती और हेमा यादव समेत 40 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं।

जमीन के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े CBI के मामले में RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक आपराधिक गिरोह (क्रिमिनल सिंडिकेट) की तरह काम किया और उनकी ओर से व्यापक साजिश रची गई थी।

मीसा भारती और बेटे तेजप्रताप भी सुनवाई में पहुंचे

शुक्रवार को लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती और बेटे तेजप्रताप दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर किए गए केस की सुनवाई हुई। अदालत ने सबूतों के आधार पर स्वीकार किया कि लालू यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं, और अब उनके खिलाफ इस मामले का ट्रायल शुरू होगा। इस ट्रायल के बाद मामले पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। वहीं, लालू यादव लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हायर कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

चार्जशीट में नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच

पिछली सुनवाई में CBI ने अदालत में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की, जिसमें यह बताया गया कि चार्जशीट में नामजद 103 आरोपियों में से 5 की मौत हो चुकी है। CBI ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

2004 से 2009 के बीच रची गई साजिश

CBI का दावा है कि यह साजिश 2004 से 2009 के बीच रची गई जब लालू यादव रेल मंत्री थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान लगभग सभी मामलों में नौकरी देने से पहले ही जमीनें ट्रांसफर की गईं और अधिकांश मामलों में गिफ्ट डीड तैयार की गई थीं। CBI ने यह भी कहा कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उनके करीबी भोला यादव ने गांव में जाकर लोगों से कहा कि अगर वे अपने परिजनों को नौकरी दिलवाना चाहते हैं तो अपनी ज़मीन लालू परिवार के नाम कर दें। जिन लोगों ने अपनी ज़मीन लालू परिवार के नाम की, उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसके बदले नकद भुगतान किया गया था।

CBI ने इस मामले में सिर्फ लालू और उनके बेटों को ही नहीं, बल्कि उनकी बेटियों को भी आरोपी बनाया है। खासकर सांसद मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ भी चार्जशीट में आरोप दर्ज हैं। आरोप है कि इन दोनों को भी नाममात्र की कीमत पर ज़मीन ट्रांसफर की गई थी।

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