- Hindi News »
- Uttar Pradesh »
- Keshav Maurya To Be Up Bjp Chief Pda Formula Of Akhilesh In Trouble
केशव को मिलेगी यूपी की कमान? बीजेपी ने सेट कर लिए सारे समीकरण, अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ को होगा नुकसान!
उत्तर प्रदेश में बीजेपी का नया अध्यक्ष चुनने के लिए पार्टी सारे समीकरणों के जोड़-तोड़ में जुटी हुई है। इस बीच चर्चा है कि बीजेपी केशव प्रसाद मौर्य को दोबारा अध्यक्ष की कुर्सी सौंप सकती है!
- Written By: अभिषेक सिंह

संदर्भ तस्वीर (डिजाइन)
लखनऊ: देश के सबसे बड़े सियासी सूबे यानी उत्तर प्रदेश के लिए भारतीय जनता पार्टी नया अध्यक्ष तलाशने में जुटी हुई है। राजनैतिक दृष्टि से सबसे मजबूत प्रदेश होने के कारण पार्टी यहां अध्यक्ष चुनने के लिए हर एक पहलू को ध्यान में रख रही है। जिसमें सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले से लेकर विपक्षी पार्टियों के नैरेटिव को तोड़ने वाले समीकरणों तक को तरजीह दी जा रही है। लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी को सफलता मिल गई है!
बीजेपी के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले अमित शाह पार्टी का सियासी संतुलन बनाए रखने वाले समीकरणों को सेट करने के लिए जाने जाते हैं। बीते दिनों लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से केशव प्रसाद मौर्य को एक बार फिर ‘मित्र’ कहकर पुकारा जिसने राजनैतिक कयासों को हवा दे दी है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि पार्टी एक बार फिर से केशव प्रसाद मौर्य को यूपी की कमान सौंपने वाली है।
पहले भी ‘मित्र’ बोल चुके हैं अमित शाह
अमित शाह के बयान के अलावा दो और ऐसे कारण हैं जो केशव प्रसाद मौर्य की तरफ इशारा कर रहे हैं। क्योंकि अमित शाह इससे पहले भी उन्हें दो बार मित्र कहकर संबोधित कर चुके हैं। और दो कारण क्या हैं? हम जानेंगे लेकिन उससे पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि यूपी में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव इतना अहम क्यों माना जा रहा है…
सम्बंधित ख़बरें
बंगाल चुनाव 2026: दीदी का किला बचेगा या खिलेगा कमल? इन 5 चेहरों पर टिकी है हार-जीत की पूरी कहानी- VIDEO
बंगाल चुनाव: BJP के संकल्प पत्र को अभिषेक बनर्जी ने बताया चिट फंड; कहा- भाजपा के वादों की कोई वेल्यू नहीं
बंगाल चुनाव: BJP आने पर बंद हो जाएगा मछली-अंडा? ममता के आरोपों पर अमित शाह ने मुस्कुराते हुए दिया बड़ा बयान
1000 करोड़ की डील पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, हुमायूं कबीर के आरोपों पर दिया जवाब; बताया क्या है असली सच
यूपी में क्यों अहम है अध्यक्ष का चुनाव?
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी को अपना नया अध्यक्ष चुनना है। वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा को तीसरी बार एक्सटेंशन मिल चुका है। पार्टी संविधान के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव तभी हो सकता है जब 50 प्रतिशत राज्यों के संगठन चुनाव संपन्न हो जाएं। यही वजह है कि पार्टी जल्द से बड़े राजनैतिक सूबों में अपना अध्यक्ष चुन लेना चाहती है।
केशव प्रसाद मौर्य व अमित शाह (सोर्स- सोशल मीडिया)
वहीं दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश में इस बार जो भी अध्यक्ष बनेगा उसी के नेतृत्व में साल 2027 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा जाएगा। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता जगजाहिर है, लेकिन ओबीसी नेताओं का एक वर्ग शीर्ष नेतृत्व में बदलाव चाहता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की सीटें 63 से घटकर 33 रह गई हैं, जिससे पार्टी ओबीसी वोट बैंक को लेकर चिंतित है।
केपी मौर्य को अध्यक्ष की कुर्सी क्यों?
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर दशकों से पैनी नज़र रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा के मुताबिक यदि बीजेपी ओबीसी चेहरे पर दांव लगाने की सोच रही है तो उसमें पहला नाम केशव प्रसाद मौर्य का है। क्योंकि पार्टी प्रदेश में सामंजस्य स्थापित करके चलना चाहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीएम किसी ओबीसी को बनाती है तो उसे अध्यक्ष अगड़ी जाति से बनाना पड़ेगा!
हालांकि, योगेश मिश्रा ने यह भी कहा कि केशव प्रसाद मौर्य पिछड़ों के नेता माने जाते हैं लेकिन उनकी पैठ उतनी ज्यादा नहीं है। केशव की अगर पैठ होती तो अपने इर्द-गिर्द के चुनाव ज़रूर जीतते। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बीजेपी प्रयागराज में हार गई और फूलपुर हारते-हारते बची। यह सीटें केशव प्रसाद मौर्य के प्रभाव वाल मानीं जाती हैं।
‘बड़ा OBC लीडर नहीं तैयार कर पाई BJP’
बाचतीच में योगेश मिश्रा ने बड़ा दावा करते हुए यह भी कहा कि बीजेपी को ओबीसी पॉलिटिक्स की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ओबीसी पॉलिटिक्स तो कर रही है लेकिन पिछले 10-12 सालों में एक भी बड़ा ओबीसी नेता नहीं तैयार कर पाई है। न उसने कोई बड़ा कुर्मी नेता तैयार किया है, न को निषाद नेता तैयार किया है और न ही राजभर लीडर तैयार कर पाई है। इसके लिए पार्टी दूसरे दलों के सहारे है।
केशव प्रसाद मौर्य (सोर्स- सोशल मीडिया)
अब अगर योगेश मिश्रा की बातों पर गौर करें तो यह बात साफ है कि बीजेपी को यदि पिछड़े लीडर को अध्यक्ष बनाना पड़े तो उनके पास केशव प्रसाद मौर्य के जैसा दूसरा मजबूत विकल्प नहीं है। इसके अलावा केशव प्रसाद मौर्य के अध्यक्ष रहते हुए ही भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में यूपी विधानसभा का चुनाव जीता था।
विपक्ष के नैरेटिव का बेजोड़ तोड़!
यूपी बीजेपी का नया अध्यक्ष पिछड़े समुदाय से बनाए जाने की संभावनाओं के पीछे एक तर्क यह भी है कि पार्टी विपक्षी दलों खासकर समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और अगड़ा) को तोड़ने के प्रयास में है। जिसने लोकसभा चुनाव में पार्टी को अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया है।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब तक एक ही बार ऐसा हुआ है कि बीजेपी ने एक ही नेता को दो बार अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी है। तब पार्टी ने कलराज मिश्र को पहली बार 1991 में और दूसरी बार साल 2000 में अध्यक्ष बनाया था। अब यदि केशव प्रसाद मौर्य को अध्यक्ष बनाया जाता है यह दूसरा मौका होगा। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी क्या कुछ निर्णय लेती है।
Keshav maurya to be up bjp chief pda formula of akhilesh in trouble
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Bombay High Court का ऐतिहासिक फैसला, चांदिवली में EVM की होगी तकनीकी जांच
Apr 11, 2026 | 07:41 AMहाथ बांधे खड़े रहे मुनीर…शान से पाकिस्तान पहुंचा ईरानी प्रतिनिधि मंडल, आज होगी अमेरिका से बातचीत- VIDEO
Apr 11, 2026 | 07:36 AMनवभारत संपादकीय: ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता, कई महीने जारी रह सकता है ऊर्जा संकट
Apr 11, 2026 | 07:35 AMPune में दिल दहला देने वाली वारदात: ममता हुई शर्मसार, मां ने प्रेमी संग 6 साल के बेटे की हत्या की
Apr 11, 2026 | 07:31 AMShilpa Rao Journey: जब हरिहरन को भा गई शिल्पा राव की आवाज, मुंबई लाकर बदल दी किस्मत
Apr 11, 2026 | 07:30 AMनागपुर RSS हेडक्वार्टर पहुंचे रणवीर सिंह, मोहन भागवत से की खास मुलाकात, हैरान रह गए फैन्स
Apr 11, 2026 | 07:28 AMनवभारत विशेष: महात्मा ज्योतिराव फुलेः भारत के दिव्य पथ-प्रदर्शक, आज भी प्रेरणा के स्रोत
Apr 11, 2026 | 07:24 AMवीडियो गैलरी

Shamli Hospital में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल, अस्पताल के बाहर हुई डिलीवरी
Apr 10, 2026 | 10:47 PM
मोनालिसा भोंसले केस में अस्पताल के रिकॉर्ड ने खोली पोल, निकली नाबालिग!
Apr 10, 2026 | 10:40 PM
इंदौर नगर निगम में भिड़े पार्षद, रुबीना ने बताया क्यों नहीं गाया वंदे मातरम
Apr 10, 2026 | 10:29 PM
नीट छात्रा की मौत या हत्या? शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड पर पटना में फिर उबाल, मां ने लगाए गंभीर आरोप- VIDEO
Apr 10, 2026 | 10:03 PM
कौन सिखा के भेजा है? सीधी में बिजली-पानी मांगने वाली महिला पर भड़के सांसद राजेश मिश्रा, वीडियो वायरल
Apr 10, 2026 | 09:55 PM
मर्द भी रोते हैं…बोरीवली प्लेटफॉर्म पर अकेले आंसू बहाते शख्स का वीडियो वायरल, वजह जान भर आएंगी आपकी आंखें
Apr 10, 2026 | 09:48 PM













