Navneet Rana vs Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या नियंत्रण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने न केवल अपने निजी जीवन का उदाहरण दिया, बल्कि देश की गिरती रोजगार दर और बढ़ती नफरत की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।
ओवैसी ने मोहन भागवत और चंद्रबाबू नायडू के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वे ज्यादा बच्चे पैदा करने की वकालत कर रहे हैं, तो कौन उन्हें रोक रहा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके छह बच्चे हैं, लेकिन वे 19 बच्चे वाले एक मौलाना से मिलना चाहेंगे जिन्होंने उनसे अधिक ‘कामयाबी’ हासिल की। ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर उन्होंने आरएसएस मुख्यालय नागपुर से डेटा मांगते हुए पूछा कि आखिर कानून बनाने से क्या फायदा हुआ, सिवाय मुसलमानों में डर पैदा करने के।
Navneet Rana vs Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या नियंत्रण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया। ओवैसी ने न केवल अपने निजी जीवन का उदाहरण दिया, बल्कि देश की गिरती रोजगार दर और बढ़ती नफरत की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला।
ओवैसी ने मोहन भागवत और चंद्रबाबू नायडू के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वे ज्यादा बच्चे पैदा करने की वकालत कर रहे हैं, तो कौन उन्हें रोक रहा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके छह बच्चे हैं, लेकिन वे 19 बच्चे वाले एक मौलाना से मिलना चाहेंगे जिन्होंने उनसे अधिक ‘कामयाबी’ हासिल की। ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर उन्होंने आरएसएस मुख्यालय नागपुर से डेटा मांगते हुए पूछा कि आखिर कानून बनाने से क्या फायदा हुआ, सिवाय मुसलमानों में डर पैदा करने के।






