चीन को घेरने की बड़ी तैयारी; अमेरिका ने फिर खोले WWII वाले मिलिट्री बेस, 'ड्रैगन' में मची खलबली

US China Tension: चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच US प्रशांत क्षेत्र में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के अपने सैन्य ठिकानों को फिर से सक्रिय और आधुनिक बना रहा है ताकि भविष्य के युद्ध के लिए तैयार रहा जा सके।
Major preparations to encircle China; the US has reopened its World War II-era military bases, causing a stir in China.
चीन को घेरने की US की बड़ी तैयारी, (डिजाइन फोटो)
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World War II Airbase Revival: चीन के साथ संभावित सैन्य टकराव की आशंका के बीच अमेरिका ने प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक तैयारियों को तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना उन ऐतिहासिक सैन्य ठिकानों को दोबारा सक्रिय कर रही है, जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान निर्णायक भूमिका निभाई थी। इस कदम को चीन के खिलाफ भविष्य की किसी भी स्थिति से निपटने की व्यापक योजना के रूप में देखा जा रहा है।

'सेंट्रल एयर कॉरिडोर' और पुराने ठिकानों का पुनरुद्धार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की इस योजना को सेंट्रल एयर कॉरिडोर का नाम दिया गया है। इसके तहत पुराने एयरफील्ड और नेवल बेस को अत्याधुनिक तकनीक, मजबूत रनवे और हथियार भंडारण सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि युद्ध की स्थिति में तेज और सुरक्षित सैन्य तैनाती संभव हो सके। इस प्रोजेक्ट में इंजीनियर 24 घंटे काम कर रहे हैं ताकि हथियारों और सैनिकों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके।

नॉर्थ फील्ड को फिर से सक्रिय किया जा रहा

अमेरिका का नया हवाई शक्ति केंद्र उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के टिनियन द्वीप पर स्थित नॉर्थ फील्ड को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जो द्वितीय विश्वयुद्ध में दुनिया का सबसे बड़ा एयरफील्ड था और जहां 230 से ज्यादा B-29 बॉम्बर तैनात थे। अब अमेरिकी नौसेना और वायुसेना मिलकर इसके रनवे को आधुनिक लड़ाकू विमानों के लिए विकसित कर रही हैं।

गुआम और आसपास की किलेबंदी

गुआम में नॉर्थवेस्ट फील्ड को 8 हजार फीट लंबी दो रनवे के साथ अपग्रेड किया गया है। यहां 2024 से ही टैक्सीवे, पार्किंग एरिया और मजबूत हथियार बंकर बनाए गए हैं। इसके अलावा, यदि मुख्य ठिकानों पर हमला होता है तो टिनियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है जहां अंडरग्राउंड फ्यूल टैंक और ईंधन लेने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसका पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरा चरण 2027 तक पूरा होगा।

जापान, फिलीपींस और पलाऊ में विस्तार

अमेरिका केवल गुआम तक सीमित नहीं है। माइक्रोनेशिया के याप द्वीप पर रनवे अपग्रेड की जा रही है जबकि जापान के योकोटा एयर बेस में युद्ध सामग्री जमा की जा रही है। पलाऊ में चीन की मिसाइलों पर नजर रखने के लिए विशेष रडार सिस्टम और मरीन सैनिकों के रहने की व्यवस्था की जा रही है। फिलीपींस के क्लार्क और सुबिक बे जैसे ठिकानों का भी विस्तार किया जा रहा है ताकि युद्ध के समय विमानों की मरम्मत और सपोर्ट का काम तेजी से हो सके।

अमेरिकी सीनेटर रोजर विकर ने हाल ही में इन सभी सैन्य परियोजनाओं का दौरा कर इनकी प्रगति का जायजा लिया है, जो चीन के खिलाफ अमेरिका की गंभीर तैयारी को दर्शाता है।

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