Ghaziabad Road Connectivity Project: बदलेगी लोनी की किस्मत; जीडीए का मास्टर प्लान-2031 तैयार

Ghaziabad Development Authority Project: प्रोजेक्ट का उद्देश्य अवैध निर्माण पर लगाम लगाना, बुनियादी ढांचे की मजबूती और शहर के सड़क नेटवर्क को बेहतर करना है।
Ghaziabad Road Connectivity Project: Loni's Fortunes Set to Change; GDA's Master Plan-2031 Ready
प्रतीकात्मक इमेज (एआई जनरेटेड)
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Ghaziabad Master Plan 2031: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के लोगों को जल्द ही जाम से राहत मिलने वाला है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने पिछले काफी समय से शहर के अव्यवस्थित विस्तार, बढ़ती अवैध कॉलोनियों और शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान लोनी क्षेत्र के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए प्राधिकरण द्वारा एक मिनी पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य अवैध निर्माण पर लगाम लगाना, बुनियादी ढांचे की मजबूती और शहर के सड़क नेटवर्क को बेहतर करना है। प्राधिकरण के इस योजना से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र के व्यवस्थित विकास के रास्ते भी खुलेंगे।

प्राधिकरण का महायोजना-2031 तैयार

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना-2031 लाया गया है। इसके तहत लोनी इलाके में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए योजना तैयार की गई है। इस योजना में टीला मोड़ से पाइपलाइन रोड के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण यातायात मार्गों का निर्माण भी शामिल हैं। इस समय इंद्रप्रस्थ योजना के आसपास की सड़क व्यवस्था की कमी के कारण विकास कार्य में अवरोध बना हुआ है। इससे क्षेत्र में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। प्राधिकरण के मुताबिक इन सड़क मार्गों के बन जाने से यातायात तो सुगम होगा ही, साथ ही निजी जमीनों पर नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। इससे इलाके में वैध गृह निर्माणों को बढ़ावा मिलेगा।

सहमति से होगा भूमि अधिग्रहण

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की इस परियोजना में भूमि का अधिग्रहण भू-स्वामियों के आपसी सहमति के आधार पर ही किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में करीब 0.6488 हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी। इस पर लगभग 16.95 करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। इसके दूसरे चरण में करीब 11.75 करोड़ रुपये और तीसरे चरण में 19.08 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित हुआ है। परियोजना में नारायण नगर, अफजलपुर, टीला शहबाजपुर, निस्तौली, शरीफाबाद और असालतपुर जैसे गांव शामिल है। भूमि अधिग्रहण में भू-स्वामियों को एफएआर (Floor Area Ratio) मुआवजे के रूप में देने का विकल्प विचाराधीन है।

अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर लगेगी रोक

परियोजना लागू होने के बाद टीला मोड़ इलाके के लोगों को जाम से राहत मिलेगा। साथ रोड नेटवर्क बेहतर होने से इंद्रप्रस्थ आवासीय योजना में लोगों का रुझान भी बढ़ेगा। इससे खाली पड़े आवासों और भूखंडों का उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से अवैध कॉलोनियों के अनियंत्रित विस्तार पर रोक लगेगी साथ ही क्षेत्र में व्यवस्थित शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे रोड किनारे की निजी भूमि पर वैध नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में भी आसानी होगी।

तीन चरणों में पूरा होगा महायोजना-2031

प्राधिकरण द्वारा लाए गए महायोजना-2031 प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है। इसके पहले चरण के तहत टीला मोड़ से भारत सिटी के आगे तक करीब 1400 मीटर लंबी सड़क बनाने की योजना का प्रस्ताव है। और दूसरे चरण में करीब 1270 मीटर लंबी सड़क को पाइपलाइन रोड से जोड़ने की योजना है, जबकि तीसरे चरण के अंतर्गत करीब 550 मीटर लंबी कनेक्टिविटी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस महायोजना के तहत बनने वाली सड़कों की चौड़ाई 30 मीटर निर्धारित की गई है।

हालांकि इसके शुरुआती चरण में सड़क की चौड़ाई 15 मीटर का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे कि काम जल्द से जल्द शुरू हो सके और बेहतर कनेक्टिविटी जल्दी बनाई जा सके।

चरणबद्ध तरीके से होगा लागू

प्राधिकरण का कहना है कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया। इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आगे उन्होंने बताया कि समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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