

Ex Agniveer Agnipath CAPF Assam Rifles Recruitment: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (GD) तथा राइफलमैन पदों की भर्ती के लिए 'एक्स-अग्निवीर' नाम से अलग श्रेणी बनाई गई है। इस श्रेणी के तहत 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), लिखित परीक्षा और अधिकतम आयु सीमा में भी विशेष छूट प्रदान की जाएगी। सामान्य रूप से अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी, जबकि अग्निपथ योजना के पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्ष तक की आयु छूट का लाभ मिलेगा। केंद्र के इस फैसले के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और सिक्किम समेत कई राज्यों ने भी पुलिस और अन्य सुरक्षा सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और विशेष रियायतों की घोषणा की है। सरकार ने उनके करियर और पुनर्वास के बेहतर समन्वय के लिए 'एक्स-अग्निवीर विंग' का भी गठन किया है।
बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के लिए केंद्र सरकार के बाद अब कई राज्य सरकारों ने भी पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण और आयु सीमा में छूट देने की घोषणा की है। जिसमें हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य सरकारों ने अपनी पुलिस व अन्य सुरक्षा सेवाओं में भी अग्निवीरों के लिए स्पेशल रिजर्वेशन और आयु सीमा में छूट देने की घोषणा की है
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जीडी) और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50% पद आरक्षित किए गए हैं।
पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाते हुए फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा में विशेष छूट दी जाएगी।
इसके आलावा अधिकतम आयु सीमा में सामान्य तौर पर 3 साल की छूट दी जाएगी, जबकि पहले बैच के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 साल तक की छूट मिलेगी।
बता दें कि इनकी भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए 'एक्स-अग्निवीर' नाम से एक अलग कैटेगरी और विशेष ‘एक्स-अग्निवीर विंग' का गठन किया गया है, जो इनके करियर और पुनर्वास से जुड़े मामलों का समन्वय करेगी।
ज्ञात हो कि साल 2002 में केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। सरकार के इस योजना के अंतर्गत सशस्त्र बलों की थल सेना, जल सेना और वायु सेना तीनों शामिल थी। जिसमें अग्निवीरों को 4 साल के लिए भर्ती और 6 महीने की प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाता है।
इतना ही नहीं अग्निवीरों को 4 साल का कार्यकाल पूर्ण करने के बाद बैच के 25% अग्निवीरों को उनकी योग्यता के आधार पर भारतीय सेना में परमानेंट कर दिया जाता है। अन्य 75% को रिटायरमेंट दे दिया जाता है।