
फर्जी आईडी और आरोपी सुनीत कुमार (सोर्स- सोशल मीडिया)
UP Crime News: यूपी एसटीएफ ने बुधवार तड़के एक ‘नटवरलाल’ को गिरफ्तार किया है। जो खुद को रॉ अफसर और आर्मी मेजर बताता है। इसने खुद को रॉ अफसर बताते हुए एक महिला जज को झांसे में लेकर उससे शादी भी कर ली। जो कि पत्नी बिहार के छपरा में तैनात हैं। वहीं, आरोपी एक कंपनी बनाकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने की योजना बना रहा था। कंपनी से संबंधित दस्तावेज भी एसटीएफ ने बरामद किया है।
फेक रॉ अधिकारी के पास से भारी मात्रा में फेक आईडी, चेक बुक, फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन पत्र, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड आदि बरामद हुआ है। यूपी एसटीएफ और इंटेलिजेंस एजेंसियां आरोपी से पूछताछ में जुटी हैं। आरोपी के टैब में दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो भी बरामद हुआ है।
एसटीएफ नोएडा यूनिट के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बीती रात उप-निरीक्षक अक्षय परमवीर कुमार त्यागी और उनकी टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति, जो कभी मेजर अमित तो कभी रॉ का निदेशक होने का दावा करता है, अलग-अलग सोसाइटियों में रह रहा है। वह संदिग्ध था।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुए बम विस्फोट के कारण इस सूचना को गंभीरता से लिया गया। एक टीम गठित की गई और ग्रेटर नोएडा स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में छापा मारा गया। जब टीम सोसाइटी के उस फ्लैट में पहुंची जहां कथित रॉ अधिकारी रहता था, तो एक महिला ने दरवाजा खोला। इसी बीच, एक व्यक्ति फ्लैट में दाखिल हुआ। उसने अपना परिचय सुनीत कुमार, पुत्र स्वर्गीय बृजनंदन शाह के रूप में दिया।
उसके पर्स की तलाशी लेने पर भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय का एक पहचान पत्र मिला। उल्लिखित व्यक्ति का नाम सुनीत कुमार आईसी 7623 बी, पद संयुक्त सचिव, पदनाम निदेशक (संचालन), जेआईसी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, पूर्व सेवा अनुसंधान एवं विश्लेषण सेवा, ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव, जन्म तिथि 25 मार्च 1988 और पिता का नाम बृजनंदन शाह है।
संदेह होने पर एसटीएफ ने रॉ के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने जांच की और पाया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके विभाग में कार्यरत नहीं है। उसके पास से बरामद पहचान पत्र फर्जी था।
जिस फ्लैट में वह व्यक्ति रह रहा था, उसकी मालकिन मंजू गुप्ता ने बताया कि उनके किरायेदार मेजर अमित कुमार हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस उपायुक्त के लेटरहेड पर मेजर अमित कुमार के नाम से अपना पुलिस सत्यापन प्रस्तुत किया था।
उन्होंने बताया कि मंजू गुप्ता ने उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए सत्यापन की एक प्रति भेजी थी। उन्होंने बताया कि सुनीत की पत्नी बिहार के छपरा में न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। जब उनसे फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पति गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं और एक गोपनीय नियुक्ति पर हैं।
उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति के पास से कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनमें दो फर्जी पहचान पत्र, 20 चेकबुक, एक फर्जी दिल्ली पुलिस सत्यापन पत्र, आठ क्रेडिट/डेबिट कार्ड, एक डायरी, 17 एग्रीमेंट, पांच पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, तीन मतदाता पहचान पत्र, दो फॉर्म मतदाता पहचान पत्र, दो कंपनी पंजीकरण दस्तावेज, आईटीआर दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, तीन लैपटॉप और दो टैबलेट शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि आरोपी के टैबलेट से दिल्ली धमाकों से जुड़े वीडियो भी बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी सुमित कुमार को आज सुबह स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ सूरजपुर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है।






