CM योगी के नाम 2 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ कारोबारी ने की खुदकुशी, पार्टनर पर लगाए गंभीर आरोप

Kanpur News: कानपुर के ओमेंद्र सिंह ने बिजनेस पार्टनर से परेशान होकर सुसाइड कर लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को न्यायप्रिय बताते हुए अपने परिवार को न्याय दिलाने की अंतिम इच्छा सुसाइड नोट में जाहिर की है।
kanpur muder case
कारोबारी के आत्महत्या के बाद मौके पर लगी भीड़, फोटो- सोशल मीडिया
Updated on

Kanpur Businessman Suicide: कानपुर के बर्रा क्षेत्र में एक हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है, जहां एक कारोबारी ने मौत को गले लगाने से पहले अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पत्र में लिखी। मृतक ने धोखाधड़ी के कारण खौफनाक कदम उठाते हुए पहले अपनी नसें काटीं और फिर फंदा लगा लिया।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बर्रा विश्वबैंक डी-ब्लॉक के रहने वाले 46 वर्षीय कारोबारी ओमेंद्र सिंह ने सोमवार रात आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कारोबारी ने फांसी लगाने से पहले चाकू से अपने दोनों हाथों की नसों को सात-आठ बार काटा।

पुलिस को मिला लेटर

मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम को कमरे से एक चाकू, खून से सना फर्श और मफलर के सहारे लटकता शव बरामद हुआ। पुलिस को ओमेंद्र के पास से दो पन्नों का एक भावुक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए अपने बिजनेस पार्टनर को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

बिजनेस पार्टनर पर धोखाधड़ी और प्रताड़ना के आरोप

मृतक ओमेंद्र के परिजनों के अनुसार, वह पिछले छह वर्षों से दामोदर नगर निवासी दिव्येंद्र सचान के साथ पार्टनरशिप में सोलर पैनल का कारोबार कर रहे थे। ओमेंद्र के बड़े भाई उदय ने बताया कि दिव्येंद्र कारोबार में लगातार धोखाधड़ी कर रहा था, और जब ओमेंद्र ने इसका विरोध किया तो उनके बीच विवाद शुरू हो गया। इस धोखाधड़ी और लगातार बढ़ते विवाद के कारण ओमेंद्र पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव में थे। सोमवार को जब उनकी पत्नी अंजना अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर थीं और बच्चे अपनी दादी के साथ पहली मंजिल पर थे, तब दूसरी मंजिल के कमरे में ओमेंद्र ने इस दर्दनाक घटना को अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगाई न्याय की अंतिम गुहार

ओमेंद्र सिंह ने अपने सुसाइड नोट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'न्यायप्रिय' बताते हुए एक प्रशंसक के तौर पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, "योगीजी, मैंने जीवन में कभी कोई गलत काम नहीं किया और हमेशा ईमानदारी से काम किया, लेकिन उस ईमानदारी का मुझे यह सिला मिला"। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से दिव्येंद्र सचान के साथ काम करने को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बताया और मुख्यमंत्री से अपील की कि उनके जाने के बाद उनके परिवार को परेशान न किया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी पार्टनर दिव्येंद्र सचान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट है कि पहले नसें काटी गईं और फिर मफलर से फंदा लगाया गया। पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com