

Samajwadi Party Cheaf Akhilesh Yadav Spoke on SIR: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। उन्होंने एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आगामी चुनावों में बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक बड़ी साजिश रच रहे हैं। अखिलेश का दावा है कि यूपी में करीब डेढ़ से दो करोड़ वोट काटने की तैयारी चल रही है। यह आरोप उन्होंने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की 85वीं जयंती पर लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए, जिससे सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर विस्तार से बोलते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान के जरिए यह खेल खेला जा रहा है। उनका कहना है कि जिन सीटों पर समाजवादी पार्टी जीती है, वहां हर विधानसभा से 50 हजार वोट हटाने का प्लान है। BLO पर भी भारी दबाव है और वे मुस्लिम, दलित व पिछड़े इलाकों में जाने से कतरा रहे हैं। अखिलेश ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बिहार में RJD के 65 लाख वोट काटे गए, ठीक वही मॉडल अब यूपी और पश्चिम बंगाल में अपनाया जा रहा है।
अपनी बात को साबित करने के लिए सपा प्रमुख ने कन्नौज की महिला एसडीएम और एक कार्यकर्ता की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई। इसमें तकनीकी खामियों और डेटा फीडिंग के दबाव की बात सामने आई है, जिसमें 2003 के फॉर्म वालों को गलत कैटेगरी में डालने की बात हो रही थी। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि काम के बोझ के चलते गुजरात, तमिलनाडु और बंगाल जैसे राज्यों में बीएलओ आत्महत्या तक कर रहे हैं। उन्होंने आयोग से मांग की है कि एसआईआर की समयसीमा बढ़ाई जाए क्योंकि अभी शादियों का सीजन है और जानबूझकर ऐसे समय पर यह प्रक्रिया थोपी गई है ताकि लोग ध्यान न दे सकें और चुपचाप वोट कट जाएं।
सीएम योगी पर इशारों में तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि कुछ लोगों का पहनावा ऐसा है कि वो कूद नहीं सकते, जबकि हम संघर्ष के लिए कहीं भी कूदने को तैयार हैं। उन्होंने साफ किया कि चुनाव जीतने के लिए अब सिर्फ मैदान ही नहीं, बल्कि कागज की लड़ाई भी लड़नी होगी। उनका कहना है कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर फेल है, विदेश नीति से लेकर डॉलर तक सब गिर रहा है और करप्शन चरम पर है। सपा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे बूथ स्तर पर निगरानी रखें और लोकतंत्र बचाने के लिए इस साजिश को किसी भी कीमत पर कामयाब न होने दें।