विश्लेषकों का मानना है कि जाति के जहर का कहर खत्म हुआ और उन्माद पैदा करने की मानसिकता पर भी चोट लगी। अगर ये परिवारवादी लोगनहीं सुधरेंगे, तो राजनीति से समाप्त हो जाएंगे। विपक्षी दलों को NDA की 202 सीटों की बंपर जीत हजम नहीं हो रही है। राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा ही स्पष्ट किया है कि यह वोट चोरी नहीं है, बल्कि वोट डकैती है। उन्होंने ‘वोट डकैती’ के पीछे कई कारण गिनाए:
1. डुप्लीकेट वोटर या ब्राजीलियन मॉडल के तहत 22-22 वोट डाले गए।
2. उत्तर प्रदेश का सरपंच हरियाणा में वोट डाल रहा था, और दिल्ली का सांसद बिहार में वोट डाल रहा था।
3. भारतीय जनता पार्टी के तमाम फंक्शनरीज दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में वोट डालने के बाद भी बिहार में वोट डाल रहे थे और कंबल ओढ़कर बंगाल में भी वोट डालने की तैयारी कर रहे थे।
वहीं आरजेडी की हार के बाद लालू परिवार की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। रोहिणी आचार्य ने ट्वीट किया और उसके बाद दिल्ली जाते समय बड़ी बातें कीं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें घर के अंदर गाली दी जाती है और चप्पल से भी मारने की बातें की जाती हैं। एक विश्लेषक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो अराजकता राजा की बाहर झलकती थी, अब वह घर के अंदर भी झलक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग पहले भाई (तेज प्रताप) को और अब बहन (रोहिणी) को समेट कर नहीं रख सकते, वो बिहार को कैसे चला सकते हैं? यह मानसिकता उनके भविष्य को तय करेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि जाति के जहर का कहर खत्म हुआ और उन्माद पैदा करने की मानसिकता पर भी चोट लगी। अगर ये परिवारवादी लोगनहीं सुधरेंगे, तो राजनीति से समाप्त हो जाएंगे। विपक्षी दलों को NDA की 202 सीटों की बंपर जीत हजम नहीं हो रही है। राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा ही स्पष्ट किया है कि यह वोट चोरी नहीं है, बल्कि वोट डकैती है। उन्होंने ‘वोट डकैती’ के पीछे कई कारण गिनाए:
1. डुप्लीकेट वोटर या ब्राजीलियन मॉडल के तहत 22-22 वोट डाले गए।
2. उत्तर प्रदेश का सरपंच हरियाणा में वोट डाल रहा था, और दिल्ली का सांसद बिहार में वोट डाल रहा था।
3. भारतीय जनता पार्टी के तमाम फंक्शनरीज दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में वोट डालने के बाद भी बिहार में वोट डाल रहे थे और कंबल ओढ़कर बंगाल में भी वोट डालने की तैयारी कर रहे थे।
वहीं आरजेडी की हार के बाद लालू परिवार की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। रोहिणी आचार्य ने ट्वीट किया और उसके बाद दिल्ली जाते समय बड़ी बातें कीं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें घर के अंदर गाली दी जाती है और चप्पल से भी मारने की बातें की जाती हैं। एक विश्लेषक ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो अराजकता राजा की बाहर झलकती थी, अब वह घर के अंदर भी झलक रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग पहले भाई (तेज प्रताप) को और अब बहन (रोहिणी) को समेट कर नहीं रख सकते, वो बिहार को कैसे चला सकते हैं? यह मानसिकता उनके भविष्य को तय करेगी।






