
Google search (Source. Pixabay)
Indian Cyber Laws: आज की डिजिटल दुनिया में टेक्नोलॉजी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। सर्च इंजन, सोशल मीडिया और AI टूल्स के बिना दिन अधूरा सा लगता है। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि इंटरनेट पर किया गया हर सर्च रिकॉर्ड होता है। आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें आप तक ट्रेस भी किया जा सकता है खासतौर पर तब, जब सर्च किसी गैरकानूनी या संवेदनशील विषय से जुड़ा हो।
भारत में IT Act, IPC और UAPA जैसे कानून ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर काफी सख्त हैं। इन कानूनों के तहत एजेंसियों को संदिग्ध डिजिटल व्यवहार की जांच का अधिकार है। कई मामलों में सिर्फ गलत चीज सर्च करना ही आपको जांच के दायरे में ला सकता है, भले ही आपने कोई अपराध किया हो या नहीं।
आतंकी संगठनों, उनकी विचारधाराओं, भर्ती प्रक्रिया या प्रचार सामग्री से जुड़ी जानकारी सर्च करना बेहद गंभीर माना जाता है। भारत में ऐसे कंटेंट को देखना या खोजना गैरकानूनी है और UAPA जैसे कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
बच्चों के यौन शोषण, आपत्तिजनक तस्वीरों या वीडियो से जुड़ी सर्च सबसे गंभीर अपराधों में आती है। कानून इसमें कोई ढील नहीं देता और “अनजाने में हुआ” जैसी दलील स्वीकार नहीं की जाती।
फोन हैक करना, Wi-Fi तोड़ना, बैंक अकाउंट या UPI फ्रॉड जैसे विषयों पर सर्च करना भी आपको मुश्किल में डाल सकता है। साइबर सेल इसे आपराधिक इरादे के तौर पर देख सकती है।
घर पर बम बनाना, अवैध हथियार या 3D प्रिंटेड गन जैसी चीजें सर्च करना सीधे सुरक्षा एजेंसियों की नजर में ला सकता है, भले ही वजह सिर्फ जिज्ञासा ही क्यों न हो।
ड्रग्स बनाने-बेचने, डार्क वेब के अवैध मार्केट या गुप्त लेनदेन से जुड़े टूल्स सर्च करना गंभीर अपराध है। आपकी डिजिटल पहचान उतनी छुपी नहीं होती, जितना आप सोचते हैं।
आधार, पैन, पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की नकल या एडिटिंग से जुड़ी जानकारी खोजना भी अपराध है। फर्जी ID या वेरिफाइड अकाउंट खरीदने की सर्च सीधी धोखाधड़ी मानी जाती है।
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AI प्लेटफॉर्म गैरकानूनी अनुरोधों को ब्लॉक करते हैं। संदिग्ध पैटर्न फ्लैग हो सकते हैं और सेफ्टी के लिए चैट्स की समीक्षा भी होती है। AI को इंटरनेट का गुप्त कोना समझना बड़ी भूल है।
इंटरनेट का इस्तेमाल सीखने और सही जानकारी के लिए करें। भरोसेमंद स्रोतों पर जाएं, खतरनाक ट्रेंड्स से दूर रहें और गलती से गैरकानूनी कंटेंट दिखे तो रिपोर्ट करें।
आज एक गलत सर्च आपको कानूनी पूछताछ या डिजिटल निगरानी में डाल सकता है। भारतीय कानून “मुझे पता नहीं था” जैसी दलील के लिए ज्यादा जगह नहीं छोड़ते। इसलिए टाइप करने से पहले सोचें कुछ सेकंड की जिज्ञासा आपकी आज़ादी से ज्यादा महंगी पड़ सकती है।






