हाईकोर्ट के जज को साइबर ठगों ने लगाया 6 लाख का चूना, मुंबई में बेखौफ हो गए हैं साइबर अपराधी!

Bombay High Court Judge Cyber Fraud: मुंबई में साइबर ठगों ने बॉम्बे हाई कोर्ट के जज के खाते से 6 लाख रुपये उड़ाए। क्रेडिट कार्ड पॉइंट्स रिडीम करने के नाम पर हुई इस ठगी ने सनसनी मचा दी है।
Bombay High Court Judge Cyber Fraud
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Mumbai Cyber Crime: मुंबई में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे कानून के संरक्षकों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज के साथ क्रेडिट कार्ड पॉइंट्स रिडीम करने के बहाने 6 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी चूक किसी के लिए भी भारी पड़ सकती है। ठगों ने बड़ी चतुराई से बैंक प्रतिनिधि बनकर जज को अपने जाल में फंसाया और चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 6,02,566 रुपये उनके खाते से उड़ा लिए।

इस मामले में कफ परेड पुलिस स्टेशन में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, जज साहब अपने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने सर्च इंजन पर संबंधित बैंक का कस्टमर केयर नंबर खोजा। दुर्भाग्य से, वे 'सर्च इंजन लिस्टिंग फ्रॉड' का शिकार हो गए, जहां अपराधियों ने असली बैंक के नंबर की जगह अपना फर्जी नंबर डाल रखा था। जैसे ही जज ने उस नंबर पर कॉल किया, ठगों ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें एक विशेष ऐप और लिंक के जरिए अपनी जालसाजी का हिस्सा बना लिया।

सर्च इंजन और फर्जी ऐप का खतरनाक जाल

साइबर ठगों ने बैंक का प्रतिनिधि बनकर जज को एक लिंक भेजा और उन्हें एक थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया। जैसे ही जज ने उस ऐप पर अपने क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी और ओटीपी साझा किया, अपराधियों ने उनके खाते तक पहुंच बना ली। कुछ ही मिनटों के भीतर उनके मोबाइल पर ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। जब तक जज साहब कुछ समझ पाते, उनके खाते से 6 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाली जा चुकी थी। यह तकनीक आजकल साइबर अपराधियों द्वारा सबसे अधिक उपयोग की जा रही है, जिसमें वे गूगल सर्च पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर अपडेट कर देते हैं।

सतर्कता और कानूनी कार्रवाई

धोखाधड़ी का एहसास होते ही जज ने तुरंत बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर फोन कर अपना कार्ड ब्लॉक करवाया और नेशनल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। कफ परेड पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 318(4) और 319(2) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धाराओं 66 और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की एक विशेष टीम अब उस बैंक खाते और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है, जहां यह पैसा ट्रांसफर किया गया है।

मुंबई में बढ़ता साइबर अपराध का ग्राफ

यह घटना मुंबई में सक्रिय साइबर गैंग्स की बढ़ती ताकत की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे आप कितने भी शिक्षित क्यों न हों, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या अनधिकृत ऐप डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। साइबर पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि बैंक कभी भी फोन पर कार्ड डिटेल्स या ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहते हैं। यदि एक हाई कोर्ट जज के साथ इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। फिलहाल, पुलिस इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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