भारत में UPI पेमेंट पर है ठगों का कब्जा, 1 साल में 6 लाख से ज्यादा फ्रॉड के केस, हो गयी 485 करोड़ की ठगी

वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीयों ने लगभग यूपीआई फ्रॉड के चलते 485 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंटंस इंटरफेस यानी यूपीआई के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं इस वित्त वर्ष में बढ़कर तकरीबन 6 लाख 32 हजार हो चुकी है।
UPI Fraud
एक साल कितने बढ़े UPI फ्रॉड के मामले
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नई दिल्ली : भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग तेजी से बढ़ते जा रहा है। यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया मुहिम के कारण भारत में डिजिटल पेमेंट्स का चलन भी बढ़ते जा रहा है। डिजिटल पेमेंट ऐप यूपीआई के माध्यम से पेमेंट्स करने वाले यूजर्स की संख्या भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। हालांकि इसके कारण यूपीआई के जरिए होने वाली धोखाधड़ी और फ्रॉड के मामले में भी बढ़त देखी जा रही है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीयों ने लगभग यूपीआई फ्रॉड के चलते 485 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंटंस इंटरफेस यानी यूपीआई के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं इस वित्त वर्ष में बढ़कर तकरीबन 6 लाख 32 हजार हो चुकी है। ये आंकड़े सितंबर के महीने तक के लिए जारी किए गए हैं।

कुल ट्रांजैक्शंस की संख्या

वहीं साल 2022-23 से अब तक की बात की जाए तो इस अवधि में 27 लाख लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं हुई है, जिसमें यूजर्स को 2145 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं सिर्फ साल 2023-24 में 13 लाख से ज्यादा लोगों के साथ यूपीआई की धोखाधड़ी हुई हैं, जिसमें इन लोगों ने कुल 1087 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि यूपीआई के कारण होने वाली धोखाधड़ी की संख्या यूजर्स के बढ़ने के कारण बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं इन फ्रॉड की घटनाओं के बढ़ने के पीछे का कारण रियल टाइम पेमेंट्स सिस्टम के ट्रांसेक्शन की संख्या को बढ़ने को भी बताया जा रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक सेक्टर

वित्त मंत्रायल में मंगलवार को ये बताया है कि भारत को इस तरह के फ्रॉड से निपटने के लिए फिनटेक इनोवेशन को बढ़ावा देने और विनियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के बीच बैलेंस को मेनटेन करना होगा। जिसका सीधा मतलब है कि इनोवेशन जितना बढ़ रही है, उसी हिसाब से रेग्यूलेटरी नियमों का भी पालन करना होगा। आपको बता दें कि भारत का फिनटेक सेक्टर दुनिया का सबसे बड़ा फिनटेक सेक्टर हैं। इसके साथ ही सरकार का ये भी लक्ष्य है कि फाइनेंशियल सेक्टर में आने वाले क्रांतिकारी बदलावों की रफ्तार को भी जारी रखा जाना चाहिए।

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