अब दूर से ही मारेंगे! 900 KM रेंज वाले स्वदेशी सुसाइड ड्रोन से बढ़ेगी सैन्य ताकत

भारत रक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बढ़ा रहा है। देश 900 किलोमीटर से अधिक रेंज वाले स्वदेशी सुसाइड ड्रोन का विकसित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। जो आने वाले समय में देश को मजबूत बनाएगा।
900 किमी रेंज वाला स्वदेशी सुसाइड ड्रोन बना सकता है भारत की सैन्य ताकत का नया अध्याय, नागपुर की कंपनी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
देश के लिए ये खास चीज बनी नई रोशनी। (सौ. X)
Published on
Updated on

भारत अब रक्षा क्षेत्र में एक और क्रांतिकारी कदम बढ़ा रहा है। देश 900 किलोमीटर से अधिक रेंज वाले स्वदेशी सुसाइड ड्रोन (Loitering Munition) विकसित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। यह ड्रोन न सिर्फ दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला कर सकेगा, बल्कि लक्ष्य भेदने के बाद स्वयं को नष्ट कर देगा, जिससे इसे "कमिकाज़े ड्रोन" भी कहा जाता है।

क्या होता है सुसाइड ड्रोन?

सुसाइड ड्रोन एक प्रकार का मानवरहित हवाई वाहन (UAV) होता है, जिसमें विस्फोटक लोड किया जाता है। यह ड्रोन टारगेट पर निगरानी रखते हुए हवा में मंडराता है और उचित समय पर हमला करता है। भारत द्वारा विकसित हो रहा यह Loitering Munition 900 किमी से अधिक की रेंज में हमला कर पाने में सक्षम होगा, जो भारत को सैन्य दृष्टिकोण से एशिया में एक और बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित कर सकता है।

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया को मिला प्रोजेक्ट

इस महत्त्वपूर्ण परियोजना की ज़िम्मेदारी नागपुर स्थित Solar Industries India Limited को दी गई है, जो पहले से पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम जैसे हथियारों के निर्माण में अग्रणी रही है। CSIR-NAL द्वारा 27 जून 2025 को जारी ऑफिशियल मेमोरेंडम में सोलर इंडस्ट्रीज को 80.30 स्कोर के साथ सर्वोच्च स्थान मिला। अन्य दावेदारों में भारत डायनामिक्स लिमिटेड (78.62), राफेल एमएफएचबी प्रा. लि. (76.78), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (73.43) और न्यू स्पेस रिसर्च (66.85) शामिल रहे, लेकिन टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और त्रिवेणी इंजीनियरिंग बोली प्रक्रिया में अयोग्य पाई गईं।

कैसी होगी यह नई तकनीक?

यह 150 किलोग्राम कैटेगरी का लॉयरिंग म्यूनिशन होगा, जो सटीक निशाने, उच्च रेंज और विस्फोटक क्षमता के साथ भारत की सामरिक तैयारियों को नई दिशा देगा। इसका उपयोग सीमापार हमलों, दुश्मन के टैंकों, राडार और बंकरों को नष्ट करने के लिए किया जाएगा।

सोलर इंडस्ट्रीज की विशेषज्ञता

“यह सिर्फ एक ड्रोन नहीं, बल्कि भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता की उड़ान है,” रक्षा विश्लेषकों का मानना है। सोलर इंडस्ट्रीज पहले ही विभिन्न स्मार्ट बम और उन्नत हथियार प्रणाली बना चुकी है, जिससे इस परियोजना में उनकी भूमिका और भी मजबूत हो जाती है।

सामरिक लाभ और भविष्य की संभावनाएं

  • राष्ट्रीय सुरक्षा में मजबूती: यह ड्रोन भारत को चीन और पाकिस्तान जैसी चुनौतियों का करारा जवाब देने में सक्षम बनाएगा।
  • Make in India को बढ़ावा: स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह प्रोजेक्ट भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा।
  • निर्यात की संभावना: सफलता के बाद यह ड्रोन अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निर्यात किया जा सकता है।
  • तकनीकी श्रेष्ठता की दिशा में कदम: यह परियोजना भारत को वैश्विक सैन्य प्रौद्योगिकी की अग्रिम पंक्ति में लाने की क्षमता रखती है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com