
tehsil office incident (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhadrawati Tehsil Suicide: भद्रावती तहसील कार्यालय में ज़हर पीकर आत्महत्या करने वाले किसान परमेश्वर मेश्राम के परिजनों को अब तक प्रशासन से न्याय नहीं मिल पाया है। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासनों पर अमल न होने से नाराज़ मेश्राम परिवार ने 9 फरवरी से तहसील कार्यालय के सामने क्रमिक एवं आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। यह जानकारी मनसे जिला उपाध्यक्ष राजू कुकड़े ने पत्रकार परिषद में दी। इस अवसर पर मृतक की पत्नी वंदना मेश्राम, पुत्र स्वप्निल मेश्राम और मनसे के पदाधिकारी उपस्थित थे।
परिवार का आरोप है कि परमेश्वर मेश्राम ने जमीन के नामांतरण (फेरफार) के लिए तहसीलदार राजेश भंडारकर, नायब तहसीलदार सुधीर खांडरे सहित अन्य कर्मचारियों से बार-बार संपर्क किया था। आरोप है कि नामांतरण के लिए पैसे देने के बावजूद जमीन उनके नाम नहीं की गई और उन्हें बार-बार अपमानित किया गया। मानसिक तनाव में आकर उन्होंने 26 सितंबर 2025 को भद्रावती तहसील कार्यालय में ज़हर पी लिया। इलाज के दौरान 6 अक्टूबर 2025 को जिला सामान्य अस्पताल, चंद्रपुर में उनका निधन हो गया।
मृत्यु के बाद मेश्राम परिवार ने शव लेने से इनकार करते हुए सातबारा उनके नाम होने तक अंतिम संस्कार न करने की भूमिका ली थी। उस समय जिलाधिकारी ने सात दिन में सातबारा नामांतरण, आर्थिक सहायता और भूमि प्रकरण में सरकारी वकील उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
परिवार का कहना है कि अब तक न तो जमीन का नामांतरण हुआ, न ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और न ही अनुसूचित जाति अत्याचार पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी गई। इन्हीं मांगों को लेकर अब परिवार आंदोलन की तैयारी कर रहा है।
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दिवंगत सांसद बालू धानोरकर ने बिना उचित मुआवज़ा दिए परमेश्वर मेश्राम से पांच एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। भुगतान के नाम पर तीन लाख रुपये के चेक दिए गए, जो बाउंस हो गए।
बाद में उक्त जमीन अपने भाई अनिल धानोरकर के नाम कर दी गई। इस मामले में मेश्राम परिवार ने दीवानी न्यायालय और जिला सत्र न्यायालय में मुकदमा जीत लिया, इसके बावजूद तहसील स्तर पर जमीन का नामांतरण नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि दबाव के चलते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, जिससे मानसिक आघात में आकर परमेश्वर मेश्राम ने आत्महत्या कर ली। अब परिवार ने संबंधित अधिकारियों और धानोरकर परिवार पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।






