Delhi-NCR की सांस हुई जहरीली AQI 350 पार, जानें घर बैठे कैसे चेक करें हवा की गुणवत्ता

Delhi Pollution AQI Update: दिवाली के बाद से दिल्ली समेत उत्तर भारत में हवा काफी खराब हो गई है। जिसके बाद से लोगो को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में किस तरह से आप अपने एयर को चेक कर सकते है।
Delhi-NCR की सांस हुई जहरीली AQI 350 पार, जानें घर बैठे कैसे चेक करें हवा की गुणवत्ता
Delhi में हवा हुई खराब। (सौ. AI)
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Delhi Air Pollution: दिवाली के बाद से दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हवा में धुएं और धूल की मात्रा इतनी बढ़ गई है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से पार चला गया है, जो 'वेरी अनहेल्दी' श्रेणी में आता है। लगातार बिगड़ती हवा की वजह से लोगों को आंखों में जलन, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में अगर आप कहीं बाहर जाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने इलाके का AQI जरूर चेक कर लें।

मोबाइल से ऐसे करें AQI चेक

अब हवा की गुणवत्ता जानने के लिए आपको किसी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। आप सीधे Google ऐप की मदद से अपने इलाके का AQI चेक कर सकते हैं।

  • सबसे पहले अपने Android या iPhone पर Google ऐप खोलें।
  • सर्च बार में टाइप करें, "AQI near me" या फिर "AQI in (अपने शहर का नाम)"।
  • इसके बाद सर्च रिजल्ट के शीर्ष पर एक AQI कार्ड दिखाई देगा, जिसमें आपके इलाके की वायु गुणवत्ता का पूरा विवरण होगा।
  • इसमें कलर इंडिकेटर, हेल्थ लेबल, और हवा में मौजूद PM2.5 / PM10 का स्तर भी दिखाया जाएगा। इस तरह कुछ सेकंड में आप यह जान पाएंगे कि आपके इलाके की हवा कितनी सुरक्षित है।

क्या होता है सुरक्षित AQI स्तर?

विशेषज्ञों के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का मूल्य 0 से 50 के बीच रहने पर हवा को ‘गुड’ श्रेणी में रखा जाता है और यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती है।

  • 51 से 100 तक की रेंज को 'मॉडरेट', यानी सामान्य रूप से स्वीकार्य माना जाता है।
  • 101–200 के बीच AQI होने पर हवा 'मॉडरेटली पॉल्यूटेड' कहलाती है, जिसमें अस्थमा या सांस की बीमारी वाले लोगों को दिक्कत हो सकती है।
  • 201–300 की रेंज को 'वेरी अनहेल्दी' माना जाता है, जो सभी के लिए खतरनाक है।
  • वहीं 300 से ऊपर का स्तर 'हजार्डस', यानी अत्यंत खतरनाक श्रेणी में आता है और यह स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति बनाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि, "ऐसे समय में बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।"

ध्यान दें

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण ने लोगों को एक बार फिर सावधान कर दिया है। ऐसे में अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए AQI की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें और जब तक संभव हो, घर के अंदर रहें या N95 मास्क का उपयोग करें।

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