
वैभव सूर्यवंशी (फोटो-सोशल मीडिया)
Vaibhav Suryavanshi’s Grand Father Upendera Prasad Singh: बिहार में जश्न का माहौल बन गया जब भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने केवल 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली, जिसने पूरी टीम को बड़ी बढ़त दिलाई।
समस्तीपुर में मीडिया एजेंसी से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा, “हमें मालूम था कि वो फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएगा, लेकिन वो तो चक्रवात बन गया। 15 साल से कम उम्र का लड़का इतनी शानदार बल्लेबाजी कर रहा है, यह गर्व की बात है।”
उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी के बारे में कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है। हम शुरू से ही कह रहे थे कि वह फाइनल में शानदार खेलेगा। वैभव के दादा ने आगे कहा कि सूर्यवंशी भले ही दोहरा शतक नहीं लगा पाए, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ केवल 80 गेंदों में 175 रन बनाना और विपक्षी टीम को 100 रनों से हराना एक विशेष उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अन्य खिलाड़ियों का साथ मिलता, तो वैभव और भी बड़ा स्कोर कर सकता था।
वैभव के सीनियर टीम में आने की संभावना पर बात करते हुए उनके दादा ने कहा, “जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में शामिल किया जाना चाहिए। वह भारतीय जर्सी के लिए दरवाजा तोड़ने को तैयार है, और बहुत जल्द यह दरवाजा टूट जाएगा।” हालांकि, वैभव को जब भी मौका मिला है उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी छाप छोड़ी है। इमर्जिंग एशिया कप के दौरान भी वैभव ने शतक लगाकर इतिहास रचा था। ऐसे में जल्द ही वैभव भारतीय टीम के लिए खेलते दिख सकते हैं।
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उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व क्रिकेटरों ने कमेंट्री में कहा था कि 15 साल से कम उम्र का यह लड़का 100 मीटर के छक्के मार रहा है, जो एक बेहद बड़ी उपलब्धि है। उपेंद्र प्रसाद सिंह ने गर्व के साथ कहा कि वैभव देहात का लड़का है और आज शिखर पर पहुंच रहा है, और पूरा परिवार उसकी सफलता पर बेहद खुश है।






