
एस. श्रीसंत (फोटो-सोशल मीडिया)
S. Sreesanth Birthday: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एस. श्रीसंत का नाम एक यादगार और विवादित संघर्ष का प्रतीक रहा है। आज, 6 फरवरी 2026 को, पूर्व तेज गेंदबाज और दो बार विश्व कप विजेता श्रीसंत अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। केरल के इस खिलाड़ी ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार प्रदर्शन दिए, लेकिन उनका करियर उतार-चढ़ाव और विवादों से भी भरा रहा।
श्रीसंत का जन्म 6 फरवरी 1983 को केरल में हुआ। बचपन में उन्हें लेग स्पिन गेंदबाजी का शौक था, लेकिन भाई की सलाह पर उन्होंने मीडियम पेस अपनाई और पेस फाउंडेशन के जरिये 2000 में क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा। 2002 में रणजी ट्रॉफी से पदार्पण करने के बाद श्रीसंत भारत के लिए खेलने वाले पहले टी20 खिलाड़ी बने। उनका तेज और आक्रामक गेंदबाजी स्टाइल उन्हें जल्दी ही टीम इंडिया में स्थान दिलाने में मददगार साबित हुआ।
श्रीसंत का करियर दो बार विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने के अनुभव से भरा रहा। 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में उन्हें फाइनल में कुछ महत्वपूर्ण कैच छोड़ने के लिए याद किया जाता है। हालांकि 2011 के क्रिकेट विश्व कप का फाइनल उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और यादगार रहा। पूरे टूर्नामेंट में अधिकतर समय मैदान से बाहर रहने के बावजूद, चोटिल आशीष नेहरा की जगह उन्हें सीधे फाइनल खेलने का मौका मिला। श्रीसंत ने बाद में बताया कि उन्हें मैच से पहले भरोसा ही नहीं था कि वे खेलेंगे, और सुबह जिम में थे जब हरभजन सिंह ने उन्हें फोन किया कि तैयार रहो।
वीरेंद्र सहवाग ने भी इस फाइनल के किस्से को याद किया। उन्होंने बताया कि श्रीसंत ओवर डालते समय घबरा गए और पवेलियन चले गए। लेकिन सचिन तेंदुलकर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के निर्देश पर उन्होंने मैदान में लौटकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस साहसिक योगदान ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और उनका नाम भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।
हालांकि, श्रीसंत का करियर विवादों से भी घिरा रहा। 2013 में स्पॉट-फिक्सिंग के आरोपों के चलते बीसीसीआई ने उन्हें क्रिकेट से बैन कर दिया। यह उनके लिए एक बड़ा झटका था और उन्होंने अपने करियर पर लगे ब्रेक को चुनौतीपूर्ण दौर माना। कानूनी लड़ाई के बाद वे आरोपों से बरी हुए और 2021 में क्रिकेट में वापसी की। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में केरल का प्रतिनिधित्व किया। अंततः 9 मार्च 2022 को श्रीसंत ने घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने अपने करियर में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में कुल 87 विकेट लिए, जिनमें तीन बार उन्होंने पांच विकेट हासिल करके टीम के लिए अहम योगदान दिया। टेस्ट में उनका औसत प्रदर्शन 3.62 की इकॉनमी रेट के साथ काफी प्रभावशाली रहा।
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वनडे क्रिकेट में श्रीसंत ने 53 मैचों में 75 विकेट चटकाए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 55 रन देकर 6 विकेट लेना रहा, जो उनकी घातक गेंदबाजी की क्षमता को दर्शाता है। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 7 विकेट हासिल किए और अपनी तेज गेंदबाजी से विपक्षी टीमों पर दबाव बनाया।
एस. श्रीसंत का जीवन यह दिखाता है कि प्रतिभा, संघर्ष, और साहस साथ-साथ चलते हैं। विवादों और चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपने योगदान और यादगार पलों से हमेशा जगह बनाई है। उनका नाम न केवल तेज गेंदबाजी की दुनिया में याद किया जाता है, बल्कि उनके जीवन संघर्ष और हिम्मत का भी प्रतीक बन गया है।






