पूनम चैंबर्स पर चला हथौड़ा, हाई कोर्ट के आदेश पर मनपा का बड़ा एक्शन, दुकानदारों में मचा हड़कंप

Poonam Chambers Nagpur Demolition: नागपुर पूनम चैंबर्स पर चला मनपा का हथौड़ा! हाई कोर्ट के आदेश के बाद 70 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू। 40 कर्मचारियों की टीम ने बेसमेंट से की तोड़फोड़ की शुरुआत।
NMC's enforcement squad begins major demolition at Nagpur's Poonam Chambers. 70 illegal constructions targeted following High Court orders. 11 shops get relief.
पूनम चैंबर्स पर चला हथौड़ा (सौजन्य-नवभारत)
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NMC Encroachment Drive: नागपुर में गुरुवार की सुबह छिंदवाड़ा रोड स्थित पूनम चैंबर्स मॉल में उस समय दुकानदारों में हड़कंप मच गया जब मनपा के अतिक्रमण विभाग का दस्ता दल-बल के साथ यहां पर कार्रवाई के लिए पहुंच गया। एक साथ 40 लोगों के भारी भरकम दस्ते को देखते ही लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

हालांकि हाई कोर्ट का मामला होने के कारण किसी ने भी कार्रवाई में अड़ंगा डालने का प्रयास तो नहीं किया किंतु बेसमेंट में होने वाली कार्रवाई की भनक लगने पर कुछ दुकानदारों ने पहले अपना सामान निकालने का समय देने की गुहार लगाई। अधिकारियों के साथ पहुंची टीम ने चर्चा के बाद इन दुकानदारों को सामान निकालने का समय दिया जिसके बाद हथौड़ा चलाना शुरू कर दिया।

70 अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू

हाई कोर्ट के कड़े तेवर के बाद महानगरपालिका के प्रवर्तन विभाग और मंगलवारी जोन कार्यालय ने छिंदवाड़ा रोड स्थित बहुमंजिला इमारत पूनम चैंबर्स में बने लगभग 70 अवैध निर्माणों को ढहाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। गुरुवार सुबह 10.30 बजे भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच इस अभियान को शुरू किया गया। बेसमेंट से तोड़ू कार्रवाई की शुरुआत की गई।

प्रवर्तन विभाग के दस्ते ने सबसे पहले इमारत के बेसमेंट में किए गए अनधिकृत निर्माण पर हथौड़ा चलाया। इस कार्रवाई में लगभग 40 कर्मचारियों की टीम शामिल थी जिन्होंने सब्बल और हथौड़ों की मदद से निर्माणों को तोड़ना शुरू किया। प्रशासन ने मानवीय आधार पर कार्रवाई से पहले दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित बाहर निकालने का मौका भी दिया।

अवैध निर्माण हटाने का दिया था निर्देश

यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रियाओं के बाद की गई है। नगर निगम ने महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम (MRTP) 1966 की धारा 53(1) के तहत नोटिस जारी किया था। इससे पहले हाई कोर्ट ने प्रतिवादी मालिक को इमारत की मंजूरी और मालिकाना हक के दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया था लेकिन वे न तो अदालत में हाजिर हुए और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद मनपा ने 20 जनवरी को अंतिम आदेश देकर 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने को कहा था। निर्देश का पालन न होने पर 5 फरवरी से तोड़फोड़ शुरू की गई।

11 दुकानों को मिली अंतरिम राहत

कार्रवाई के बीच ही 5 मालिकों की 11 दुकानों को लेकर हाई कोर्ट का नया निर्देश प्राप्त हुआ। अधिकारियों के अनुसार अदालत ने इन विशिष्ट 11 दुकानों पर गुरुवार को कार्रवाई न करने का निर्देश दिया जिसके कारण इन्हें छोड़ दिया गया।

कार्रवाई में उपायुक्त तथा मंगलवारी जोन के सहायक आयुक्त अशोक गराटे और प्रवर्तन विभाग के सहायक आयुक्त हरीश राऊत के मार्गदर्शन में प्रवर्तन विभाग के अधीक्षक संजय कांबले, उप-अभियंता प्रशांत नेहारे, ज्ञानेश्वर मिटकरी, अशोक खेडकर और दीक्षा कलसकर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

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